तुर्की को दाइश की ओर से धमकी
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तुर्की को दाइश की ओर से धमकी
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २४, २०१६ १३:५५ Asia/Kolkata

तुर्की को दाइश की ओर से धमकी

तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश ने तुर्की में बम धमाका करने व तबाही फैलाने के साथ साथ कहा है कि तुर्की जेहाद की ज़मीन है। दाइश ने एक वीडियो क्लिप में तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान को उद्दंडी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें मुसलमानों के ख़िलाफ़ उनकी कार्यवाही के कारण दंडित किया जाना चाहिए।

गुरुवार को दाइश ने तुर्की के दो क़ैदी सैनिकों को ज़िन्दा जलाने की तस्वीर प्रकाशित की जिन्हें दाइश ने दो हफ़्ते पहले उत्तरी सीरिया के अलबाब शहर के निकट गिरफ़्तार किया था।

यह कहना ग़लत न होगा कि दाइश की ओर से तुर्की को तबाह करने की धमकी के पीछे सीरिया और इराक़ में पिछले कुछ साल के दौरान आतंकवादी गुटों के संबंध में अंकारा सरकार की ग़लत नीति ज़िम्मेदार है। इस सच्चाई से कौन इंकार कर सकता है कि अर्दोग़ान सरकार ने आतंकवाद के अच्छे और बुरे में वर्गीकरण की आड़ में सीरिया में बश्शार असद की क़ानूनी सरकार को नुक़सान पहुंचाने के लिए दमिश्क़ सरकार के ख़िलाफ़ सक्रिय सभी आतंकवादी गुटों का खुल्लम खुल्ला समर्थन किया। यह ऐसी हालत में है कि ईरान और रूस ने अंकारा सरकार से बारंबार यह आग्रह किया कि वह इस वास्तविकता को स्वीकार करे कि आतंकवाद को अच्छे और बुरे में नहीं बाटा जा सकता।

अंकारा सरकार आतंकवादी गुटों के संबंध में अपनी कुछ ग़लत नीतियों को स्वीकार करने के बावजूद बश्शार असद के ख़िलाफ़ सक्रिय आतंकवादी गुट फ़्री सीरियन आर्मी का अभी भी समर्थन कर रही है। यह समर्थन दर्शाता है कि अंकारा सरकार अभी भी सीरिया की क़ानूनी बश्शार असद सरकार के ख़िलाफ़ अपनी पहले वाली नीति अपनाए हुए है।

इस बात में शक नहीं कि आतंकवादी गुटों से सहयोग पिछले कुछ साल के दौरान अंकारा की विदेश नीति की ग़लतियां रहीं हैं। शायद इन ग़लतियों से हुए नुक़सान की भरपाई मुमकिन न हो लेकिन अंकारा सरकार कम से कम आतंकवादी गुटों के संबंध में विश्व के सामने यह दर्शा सकती है कि वह दाइश के ख़तरे के ख़िलाफ़ गंभीर है। आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़ अंकारा सरकार की कार्यवाही अब तक सामयिक रही है जिसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन अब स्थिति बदल गयी है और अंकारा सरकार को इस समय दाइश के ख़तरे का सामना है और उसे इस वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए कि आतंकवादी गुटों से निपटने में किसी प्रकार की देरी या सुस्ती की क़ीमत चुकानी पड़ेगी। (MAQ/T)