बहरैन की गुप्तचर सेवा और मोसाद के बीच बढ़ती दोस्ती
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i32398-बहरैन_की_गुप्तचर_सेवा_और_मोसाद_के_बीच_बढ़ती_दोस्ती
एक ज़ायोनी समाचारपत्र ने इस बात का रहस्योद्घाटन किया है कि बहरैन की जनता के आन्दोलन के दमन करने के लिए से आले ख़लीफ़ा शासन इस्राईल की गुप्तचर सेवा मोसाद से सहयोग ले रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २६, २०१६ ०९:२८ Asia/Kolkata
  • बहरैन की गुप्तचर सेवा और मोसाद के बीच बढ़ती दोस्ती

एक ज़ायोनी समाचारपत्र ने इस बात का रहस्योद्घाटन किया है कि बहरैन की जनता के आन्दोलन के दमन करने के लिए से आले ख़लीफ़ा शासन इस्राईल की गुप्तचर सेवा मोसाद से सहयोग ले रहा है।

ज़ायोनी समाचारपत्र मआरयो ने लिखा है कि आले ख़लीफ़ा शासन इस देश में आंदोलन का दमन करने के लिए मोसाद से सहायता ले रहा है।  यह पत्र लिखता है कि आले ख़लीफ़ा शासन ने मोसाद से सहायता इसलिए ली है क्योंकि फ़िलिस्तीन के इन्तेफ़ाज़ा आन्दोलन के दमन में मोसाद बहुत ही सक्रिय भूमिका निभा रहा है।  इससे पहले विकीलीक्स ने बहरैन के शासक के हवाले से लिखा था कि मनामा और तेलअवीव के बीच सुरक्षा स्तर के संबन्ध पाए जाते हैं।  इस सूत्र के अनुसार बहरैनी गुप्तचर सेवा और मोसाद के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान होता रहता है।

इसी बीच बहरैन के धर्मगुरूओं के संघ ने एक बयान जारी करके बहरैन और मोसाद के बीच बढ़ते संबन्धों की निंदा करते हुए इसे बहुत ही ख़तरनाक बताया है।