सऊदी अरब में विदेशी मज़दूरों को क़ैद और कोड़ों की सज़ा
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सऊदी अरब में दर्जनों विदेशी मज़दूरों को तनख़्वाहें न मिलने पर प्रदर्शन करने के कारण जेल और कोड़ों की सज़ा दी गई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०४, २०१७ ०७:४२ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब में विदेशी मज़दूरों को क़ैद और कोड़ों की सज़ा

सऊदी अरब में दर्जनों विदेशी मज़दूरों को तनख़्वाहें न मिलने पर प्रदर्शन करने के कारण जेल और कोड़ों की सज़ा दी गई है।

एएफ़पी के अनुसार सऊदी अरब की निर्माण कंपनी बिन लादेन ग्रुप के उन विदेशी मज़दूरों ने जिन्हें कई महीनों से तनख़्वाहें नहीं मिली थीं प्रदर्शन किया था।

अभी यह नहीं बताया गया कि जिन 49 मज़दूरों को सज़ाएं दी गई हैं वह किस देश के नागरिक हैं।

सऊदी अरब के अलवतन समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सज़ा पाने मज़दूरों की सही संख्या नहीं पता है लेकिन उन्हें संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने और अंशाति को हवा देने के आरोप में चार महीने की जेल तथा 300 कोड़ों की सज़ा सुनाई गई है और कुछ मज़दूरों को 45 दिन की जेल की सज़ा दी गई है।

अरब न्यूज़ ने पिछले साल मई में रिपोर्ट दी थी कि तनख्वाह न मिलने से परेशन मज़दूरों ने मक्के में बिन लादेन ग्रुप की कई बसों को आग के हवाले कर दिया था।

निर्माण कंपनी 80 साल से अधिक समय पहले अलक़ायदा मुखिया ओसामा बिन लादेन के पिता ने बनाई थी। बिन लादेन ग्रुप ने पिछले साल के आख़िर में कहा था कि निकाले जाने वाले 70 हज़ार मज़दूरों की तनख़्वाहें अदा कर दी गई हैं।

तेल की क़ीमतों में गिरवट तथा यमन और सीरिया संकट में बुरी तरह उलझ जाने के कारण सऊदी अरब की अर्थ व्यवस्था चरमराने लगी है और देश में इसका असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।