हत्यारे सैनिक को छुड़वाना चाहते हैं नेतनयाहू
ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने एक घायल फ़िलिस्तीनी को गोली मार कर शहीद करने वाले हत्यारे सैनिक को माफ़ करने की मांग की है।
इस इस्राईली सैनिक ने घायलावस्था में ज़मीन पर पड़े एक फ़िलिस्तीनी को गोली मार कर शहीद कर दिया था। बीस वर्षीय ज़ायोनी सैनिक जारजेन्ट अलवर आज़राई ने 24 मार्च 2016 को जार्डन नदी के पश्चिमी तट पर अब्दुल फ़त्ताह शरीफ़ नामक 21 वर्षीय एक फ़िलिस्तीनी युवा को, जो घायलावस्था में ज़मीन पर पड़ा था, गोली मार कर शहीद कर दिया था।
आज़राई ने घायल फ़िलिस्तीनी युवा पर बहुत ही नज़दीक से उस समय गोली मारी जब वह घायलावस्था में ज़मीन पर तड़प रहा था। ज़ायोनी सैनिकों ने उस समय दावा किया था कि शरीफ़ और उसके साथी ने उनपर चाक़ू से हमला किया था।
ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने अपने फ़ेसबुक एकाउंट पर लिखा कि मैं अलवर को माफ़ करने की मांग करता हूं। उन्होंने लिखा है कि आज का दिन हमारे लिए बहुत दुखद और कठिन दिन था विशेषकर अलवर और उसके परिजनों के लिए।
फ़िलिस्तीनी युवा के हत्यारे ज़ायोनी सैनिक अलवर आज़राई पर मुक़द्दमे की सुनवाई बुधवार को हुई। इस समय उसे बीस वर्ष जेल की सज़ा सुनाई गयी है। इस्राईली सारजेन्ट पर मुक़द्दमे की कार्यवाही मई 2016 से ज़ायोनी सैन्य अदालत में आरंभ हुई है।
अदालत की न्यायाधीश कर्नल माया हिलर ने घायल फ़िलिस्तीनी युवा पर फ़ायरिंग के कारण को अनुचित बताया और कहा कि यह कार्यवाही औचित्यपूर्ण नहीं है। हिलर ने वहां मौजूद एक डाक्टर और आज़राई के कमान्डर के बयान की ओर संकेत करते हुए कहा कि सारजेन्ट ने चिल्लाकर कहा था कि शरीफ़ मौत का हक़दार है। (AK)