गज़्ज़ा में ग़रीबी और बेरोज़गारी में लगातार वृद्धि
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फ़िलिस्तीन के मानवाधिकार केंद्र ने कहा है कि ज़ायोनी शासन द्वारा इस क्षेत्र की पूर्ण घेराबंदी के परिणाम स्वरूप गज़्ज़ा में ग़रीबी में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०८, २०१७ १६:५३ Asia/Kolkata
  • गज़्ज़ा में ग़रीबी और बेरोज़गारी में लगातार वृद्धि

फ़िलिस्तीन के मानवाधिकार केंद्र ने कहा है कि ज़ायोनी शासन द्वारा इस क्षेत्र की पूर्ण घेराबंदी के परिणाम स्वरूप गज़्ज़ा में ग़रीबी में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीन के मानवाधिकार केंद्र ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि गज़्ज़ा में बेरोज़गारी की दर में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 80 प्रतिशत निवासियों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बाहरी सहायता की आवश्यकता है।

 

मानवाधिकार केंद्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राईल द्वारा गज़्ज़ा के दस सालों से पूर्ण परिवेष्टन, फ़िलिस्तीन के इस क्षेत्र के निवासियों का आर्थिक और सामाजिक अधिकारों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है। दूसरी ओर इसी तरह सितंबर 2016 में विश्व बैंक द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार गज़्ज़ा में बेरोज़गारी दर 43 प्रतिशत और क्षेत्र में गरीबी दर 60 प्रतिशत से अधिक है।

 

उल्लेखनीय है कि ज़ायोनी शासन ने जनवरी 2006 से फिलिस्तीनी चुनावों में, फिलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास की सफलता के बाद, इस आंदोलन को कुचलने के उद्देश्य से इस अतिक्रमणकारी शासन ने गज़्ज़ा को चारों ओर से घेर रखा है और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों की परवाह किए बिना इस परिवेष्टन को जारी रखे है। इस समय रफ़ा बाईपास ऐसा एकमात्र रास्ता है जहां से गज़्ज़ा के निवासी दुनिया के कुछ देशों से संपर्क बना सकते हैं। (RZ)