संयुक्त राष्ट्र संघ ज़ायोनी शासन को दंडित करेः सीरिया
सीरिया के विदेशमंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख के नाम अलग अलग पत्रों में सीरिया की धरती पर हमला करने के कारण ज़ायोनी शासन के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार, सीरिया के विदेशमंत्रालय ने दमिश्क़ के सैन्य हवाई अड्डे पर ज़ायोनी शासन के हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख के नाम अलग अलग पत्रों में कहा कि यह हमला सीरिया में युद्ध के आरंभ से इस शासन के बार बार के हमलों, सीरिया की संप्रभुता, स्वाधीनता और अखंडता के उल्लंघन के परिप्रेक्ष्य में अंजाम पाया है।
सीरिया के विदेशमंत्रालय ने इस बात पर बल दिया कि सीरिया पर इस्राईल के हमले की योजना, फ़्रांस, ब्रिटेन, अमरीका और उनके पिट्ठु सऊदी अरब, तुर्की, क़तर और उन देशों की गुप्तचर संस्थाओं में तैयार किया गया है जो सीरिया और क्षेत्र पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं।
सीरिया के विदेशमंत्रालय ने इन पत्रों में सीरिया पर ज़ायोनी शासन के हमलों को रोकने पर बल देते हुए कहा कि मज़्ज़ा सैन्य हवाई अड्डे पर ज़ायोनियों का हमला सीरिया विशेषकर हलब में आतंकी गुटों की पराजय के कारण अंजाम पाया है और यह अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की हरी झंडी और समर्थन के बिना संभव नहीं है।
ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन के युद्ध विमानों ने आतंकियों के समर्थन और आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में विघ्न उत्पन्न करने के लिए गुरूवार की रात राजधानी दमिश्क़ के मज़्ज़ा सैन्य छावनी पर हमला किया था। (AK)