आतंकी गुट, पश्चिमी लोकतंत्र की उपलब्धिः रूस
रूस ने कहा है कि पश्चिमी देशों विशेषकर अमरीका की ओर से दूसरे देशों में अपने दृष्टिगत प्रजातंत्र लाने की कोशिशों के कारण पश्चिम एशिया में आतंकवाद फैला है।
रूसी विदेशमंत्री ने नुस्रा फ़्रंट जैसे आतंकवादी गुटों की विचारधारा को बहुत ही ख़तरनाक विचारधारा बताते हुए कहा कि इस गुट का वजूद में आना, सीरिया में अमरीकी और पश्चिमी गुप्तचर एजेन्सियों के हस्तक्षेप का परिणाम है।
सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि अमरीका और पश्चिमी देश यह चाहते थे कि दाइश के ज़रिए बश्शार असद की क़ानूनी सरकार को गिरा दिया जाए। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि आतंकियों ने मध्यपूर्व के युद्ध ग्रस्त देशों में मुसलमानों की तरह ईसाइयों को भी यातनाएं दीं हैं कहा कि योरोपीय संघ से भी सार्थक क़दम की उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि उसने ईसाई धर्म के सिद्धांतों को छोड़कर उदारवादी विचारधारा अपनाई है।
इर्ना के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री सिर्गेई लावरोफ़ ने देशी व विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि 80 के दशक में अमरीका और उसके पश्चिमी घटकों की कार्यवाहियां अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी संगठन अलक़ाएदा के वजूद में आने का कारण बनीं जबकि इसी प्रकार की कार्यवाहियां, 2003 में इराक़ के अतिग्रहण और दाइश के वजूद में आने का कारण बनीं हैं।
(MAQ/N)