हिज़्बुल्लाह की प्राथमिकता इस्राईल से संघर्ष हैः शैख़ नईम क़ासिम
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उपमहासचिव ने कहा है कि इस संगठन की प्राथमिकता इस्राईल से संघर्ष है और ज़ायोनियों के हाथों का खिलौना बने हुए आतंकियों से टकराव, इस लड़ाई का एक भाग है।
शैख़ नईम क़ासिम ने रविवार को कहा कि जो भी पक्ष, गुट या देश, हिज़्बुल्लाह से लड़ना और इस्राईल की योजनाओं को हम पर थोपना चाहेगा तो हम इस्राईल से टकराव के एक अभिन्न अंग के रूप में उससे संघर्ष करेंगे। उन्होंने हिज़्बुल्लाह द्वारा लेबनान के बाहर आतंकियों से न लड़ने के संबंध में कुछ बयानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि तकफ़ीरी आतंकी लेबनान के उत्तरी भाग में घुसने और वहां अपना साम्राज्य बनाने के चक्कर में हैं तो क्या हमें इस बात की प्रतीक्षा करनी चाहिए कि वे लेबनान के अंदर घुस जाएं? हिज़्बुल्लाह संगठन के उपमहासचिव ने कहा कि ईश्वर की कृपा से इस संगठन ने अनेक महान उपलब्धियां अर्जित की हैं, लेबनान में तकफ़ीरी विचारधारा की जड़ों को नुक़सान पहुंचाया है, सीरिया में आतंकियों से टकरा कर उनकी साज़िशों को विफल बनाया है और इराक़ में भी आतंकियों के षड्यंत्रों को विफल बनाने के लिए दूसरों को प्रेरित किया है।
शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि युवाओं के अत्याचारपूर्ण मृत्युदंड और लोगों की नागरिकता छीने जाने समेत जो कुछ बहरैन में हो रहा है वह पूरे संसार और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का अनादर है। उन्होंने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि मानवाधिकार की रक्षा का दावा करने वाले कुछ देश आले ख़लीफ़ा शासन के अपराधों पर मौन धारण किए हुए हैं, कहा कि छः साल से अब तक बहरैन के अधिकारी इस देश की जनता का दमन कर रहे हैं। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उपमहासचिव ने यमन के बारे में भी कहा कि संसार में बुद्धि रखने वाला कोई भी एेसा व्यक्ति नहीं होगा जो यमनी बच्चों और महिलाओं के जनसंहार, अस्पतालों पर बमबारी और अन्य पाश्विक अपराधों के संबंध में आले सऊद के आपराधिक तर्क को स्वीकार करे। शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि आले सऊद शासन इस समय यमन में भुखमरी फैलाने की नीति पर काम कर रहा है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं उसे रोकने के लिए कोई भी क़दम नहीं उठा रही हैं। (HN)