फ़िलिस्तीनियों की भूमि पर बनाएंगे 3000 नए घरः ज़ायोनी शासन
ज़ायोनी शासन के मंत्रीमण्डल ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट पर तीन हज़ार नए घर बनाने का प्रस्ताव पारित किया है।
ज़ायोनी शासन के युद्धमंत्री के कार्यालय ने घोषणा की है कि ज़ायोनियों के लिए जार्डन नदी के पश्चिमी तट पर तीन हज़ार नए घर बनाए जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस पहुंचे के बाद से ज़ायोनी कालोनी निर्माण का इस्राईल का यह तीसरा फैसला है।
ज़ायोनी शासन के युद्ध मंत्री ने नए तीन हज़ार घर बनाने के निर्णय की घोषणा एेसी स्थिति में की है कि जब संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद ने दिसंबर में सर्वसम्मति से प्रस्ताव क्रमांक 2334 पारित किया था जिसके आधार पर सन 1967 में क़ब्ज़ा की गई फ़िलिस्तीनियों की भूमि पर ज़ायोनी शासन की ओर से किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अवैध है।
सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव से पता चलता है कि फ़िलिस्तीनियों की भूमि में ज़ायोनियों का कालोनी निर्माण कार्य अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विपरीत है। विश्व स्तर पर विरोध के बावजूद अवैध ज़ायोनी शासन, फ़िलिस्तीनियों की भूमि पर भवन निर्माण के कार्य को विस्तृत कर रहा है। ज़ायोनियों का मानना है कि अवैध कालोनी निर्माण करके वे व्यवहारिक रूप में अपनी सीमा को विस्तृत करेंगे जिससे उनका अतिग्रहण दिन-प्रतिदिन सुदृढ़ होता जाएगा। सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बारे में अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कहा था कि राष्ट्रसंघ में इस्राईल पर दबाव से फिलिस्तीनियों और ज़ायोनी शासन के मध्य शांति वार्ता कठिन हो जायेगी।
विडंबना यह है कि वैश्विक विरोध के बावजूद अमरीका के नए राष्ट्रपति ट्रंप ने अवैध कालोनी निर्माण का विरोध नहीं किया बल्कि अपने चुनाव अभियान में उन्होंने ज़ायोनी शासन द्वारा अवैध कालोनी निर्माण का खुलकर समर्थन किया था। जानकारों का कहना है कि ज़ायोनी शासन की ओर से कालोनी निर्माण की नई घोषणा, अमरीकी समर्थन के बिना संभव नहीं है। अमरीका के खुले समर्थन के ही कारण यह अवैध शासन अधिक से अधिक दुस्साहसी होता जा रहा है।