सऊदी विदेश मंत्री की इराक़ यात्रा
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सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अलजुबैर इराक़ी अधिकारियों से मुलाक़ात के लिए शनिवार को बग़दाद पहुंचे और यात्रा के आरंभ में ही उन्होंने इस देश के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी से मुलाक़ात और वार्ता की।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २६, २०१७ ०९:२४ Asia/Kolkata
  • सऊदी विदेश मंत्री की इराक़ यात्रा

सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अलजुबैर इराक़ी अधिकारियों से मुलाक़ात के लिए शनिवार को बग़दाद पहुंचे और यात्रा के आरंभ में ही उन्होंने इस देश के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी से मुलाक़ात और वार्ता की।

वर्ष 2003 के बाद से किसी भी वरिष्ठ सऊदी अधिकारी की यह पहली इराक़ यात्रा है। दोनों पक्षों ने इस मुलाक़ात में क्षेत्र के हालात और इसी तरह दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत बनाने और इस राह में मौजूद रुकावटों को दूर करने के बारे में विचार-विमर्श किया। सद्दाम के शासन काल में सऊदी अरब और इराक़ के संबंध बहुत ख़राब हो गए थे और दोनों देश एक दूसरे के शत्रु समझे जाते थे। जब सद्दाम ने 1990 में कुवैत पर हमला किया तो सऊदी अरब ने बग़दाद में अपना दूतावास बंद कर दिया। सन 2004 में सद्दाम के शासन की समाप्ति के बाद इराक़ और सऊदी अरब ने अपने संबंधों को बहाल करना शुरू किया और अंततः सन 2015 में सऊदी अरब ने बग़दाद में अपना दूतावास फिर से खोल दिया।

 

अलबत्ता इस बार सऊदी अरब ने इराक़ में अपनी हस्तक्षेपपूर्ण नीतियों और तकफ़ीरी आतंकवादियों की खुली व गुप्त सहायताएं करके, दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत बनाने का अवसर समाप्त कर दिया। रियाज़ की इन्हीं नीतियों के चलते इराक़ व सऊदी अरब के संबंधों में फिर से खटास आ गई और इराक़ ने औपचारिक रूप से सऊदी अरब से मांग की कि वे बग़दाद में अपने राजदूत को बदल दे। इसके बाद सऊदी अरब ने अपने राजदूत को वापस बुला कर कूटनैतिक संबंधों को उप राजदूत के स्तर तक कम कर दिया। सऊदी अरब की इन्हीं धूर्ततापूर्ण नीतियों के चलते इराक़ी राष्ट्र ने सरकार से मांग की कि वह सऊदी अरब से सहयोग जारी रखने पर गंभीर रूप से पुनर्विचार करे और इराक़ में आले सऊद की हस्तक्षेपपूर्ण नीतियों पर अंकुश लगाए। एेसी स्थिति में जब तकफ़ीरी आतंकियों के विरुद्ध इराक़ी जनता और सेना का अभियान अपने अंतिम चरण में है सऊदी अरब, इराक़ में अपने पिट्ठुओं को बचाने की कोशिश में जुट गया है। आदिल अलजुबैर का जल्दबाज़ी में किया गया बग़दाद का दौरा और इराक़ से संबंध विस्तार की इच्छा का दावा, इस देश में अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब की नई साज़िश का एक भाग है। अतः इराक़ के अधिकारियों को सऊदी अरब की नई गतिविधियों की ओर से चौकन्ना रहना चाहिए। (HN)