बहरैन, शैख़ ईसा क़ासिम पर मुक़द्दमा डेड लाइन हैः बहरैनी जनता
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बहरैन की जनता ने एक बार फिर देश के वरिष्ठ धर्मगुरू शैख़ ईसा क़ासिम की रक्षा पर लब दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २६, २०१७ १७:१७ Asia/Kolkata
  • बहरैन, शैख़ ईसा क़ासिम पर मुक़द्दमा डेड लाइन हैः बहरैनी जनता

बहरैन की जनता ने एक बार फिर देश के वरिष्ठ धर्मगुरू शैख़ ईसा क़ासिम की रक्षा पर लब दिया है।

आले ख़लीफ़ा शासन ने दावा किया है कि शैख़ ईसा क़ासिम ने सांप्रदायिक मतभेद और हिंसा फैलाने तथा विदेशियों के हितों पूरा करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया है।

शैख़ ईसा क़ासिम की इन्हीं निराधार दावों की बुनियाद पर 20 जून 2016 को नागरिकता रद्द कर दी थी।

शैख़ ईसा क़ासिम  पर मुक़द्दमे की सुनवाई 27 फ़रवरी को होनी है जबकि सरकार ने कई बार मुक़द्दमे की कार्यवाही जनता के आक्रोष के कारण स्थगित कर दी।

अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन के नागरिकों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में एक बयान जारी करके आले ख़लीफ़ा शासन को शैख़ ईसा क़ासिम पर मुक़द्दमा चलाने की ओर से सचेत किया है। जनता का कहना है कि यदि बहरैन के शीया धर्म पर मुक़द्दमे की कार्यवाही शुरु हुई तो यह हमारी डेड लाइन होगी और इसके परिणामों की सरकार स्वयं ज़िम्मेदार होगी।

इसी मध्य बहरैन की धर्मगुरुओं की परिषद ने भी देश और धार्मिक मूल्यों के समर्थन में जनता की एकता की सराहना की। (AK)