बहरैन में विदेशियों की संख्या मूल निवासियों से 20 गुना अधिक
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बहरैन की तानाशाही सरकार को फरवरी 2011 से जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों व आपत्तियों का सामना है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २८, २०१७ १७:०३ Asia/Kolkata

बहरैन की तानाशाही सरकार को फरवरी 2011 से जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों व आपत्तियों का सामना है।

बहरैन में जब से इस देश की जनता का शांतिपूर्ण आंदोलन आरंभ हुआ है तब से इस देश के सरकारी केन्द्र, चार हज़ार से अधिक विदेशी नागरिकों को काम पर रख चुके हैं।

समाचार पत्र “अलवसत” ने इस बात की सूचना देते हुए लिखा है कि जब से बहरैन के शीया मुसलमानों को सरकारी क्षेत्रों में गतिविधियों से वंचित कर दिया गया है बहरैनी सरकार ने विदेशियों को काम पर रखने में तीव्रता प्रदान कर दी है। बहरैन की तानाशाही सरकार को फरवरी 2011 से जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों व आपत्तियों का सामना है।

बहरैनी जनता आज़ादी, न्याय स्थापित करने, भेदभाव को समाप्त करने और लोकतांत्रिक सरकार की मांग कर रही है परंतु आले खलीफा सरकार सदैव दमन करके जनता की मांगों का जवाब देती है।

बहरैन में शीया मुसलमान बहुसंख्या में हैं और इस देश की तानाशाही सरकार लगभग 10 वर्षों से इस देश की जनसंख्या के तानाबाने को बदलने और शीया मुसलमानों को अल्पसंख्या में लाने के लिए दूसरे देशों के नागरिकों को लाकर वहां बसा रही है और उन्हें बहरैन की नागरिकता दे रही है।

इस दिशा में बहरैनी सरकार पाकिस्तानी और जार्डन के नागरिकों को वहां लाकर बसा रही है और उन्हें बहरैन की नागरिकता दे रही है।

बहरैन की तानाशाही सरकार अपने लक्ष्यों को साधने के लिए जनसंख्या के तानाबाने को परिवर्तित करने की चेष्टा में है और उसी दिशा में यह कार्य अंजाम दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बहरैन के 20 प्रतिशत से अधिक बजट को दूसरे देशों के नागरिकों को बहरैन लाकर बसाने पर खर्च किया जा रहा है।

बहरैन में जिन लोगों को इस देश की नागरिकता दी गयी है उनकी संख्या के गोपनीय होने के बावजूद आधिकारिक आंकड़े इस बात के सूचक हैं कि दूसरे देशों से बहरैन में ले जाकर बसाये गये लोगों की संख्या वहां के मूल नागरिकों की संख्या से 20 प्रतिशत अधिक हो गयी है।

बहरैन की तानाशाही सरकार शांतिपूर्ण जनांदोलन का दमन करने के लिए हर हथकंडे का प्रयोग कर रही है पर बहरैनी जनता का कहना है कि मांगों के पूरा होने तक उसका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। MM