सऊदी नरेश को भारी जनविरोध का सामना करना पड़ा
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इंडोनेशिया के लोग मलिक सलमान की इस प्रकार की यात्रा को इस देश के सुरक्षा तंत्र का एक प्रकार से अपमान मान रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ०४, २०१७ १६:२१ Asia/Kolkata

इंडोनेशिया के लोग मलिक सलमान की इस प्रकार की यात्रा को इस देश के सुरक्षा तंत्र का एक प्रकार से अपमान मान रहे हैं।

सऊदी नरेश मलिक सलमान को इंडोनेशिया की यात्रा के दौरान भारी जन विरोध का सामना करना पड़ा और लोगों ने जकार्ता में सऊदी अरब के दूतावास के समक्ष व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र और इस्लामी जगत में सऊदी अरब की नीतियों को परिवर्तित किये जाने की मांग की।

मलिक सलमान मलेशिया के बाद इंडोनेशिया पहुंचे हैं और उनके साथ डेढ़ हज़ार से अधिक लोग हैं जिसमें प्रतिनिधिमंडल और सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं। इंडोनेशिया के लोग मलिक सलमान की इस प्रकार की यात्रा को इस देश के सुरक्षा तंत्र का एक प्रकार से अपमान मान रहे हैं।

इंडोनेशिया इस्लामी जगत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला और आसियान का महत्वपूर्ण सदस्य देश है। इस आधार पर इंडोनेशिया के लोगों के लिए यह बात स्वीकार्य नहीं है कि मलिक सलमान जो इस समय इस्लामी जगत में फूट व मतभेद के कारण हैं अपमानजनक ढंग से इंडोनेशिया की यात्रा करें।

इसके अलावा तीन विषय इंडोनेशिया के लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं जिसकी जकार्ता सरकार ने मलिक सलमान की यात्रा के संबंध में अनदेखी कर दी है। पहला विषय यह है कि सऊदी अरब अब भी सीरिया और यमन में अनगिनत अपराध कर रहा है और आतंकवादी गुटों की सहायता से उसे इस्लामी जगत में हिंसा का कारण समझा जा रहा है।

इस स्थिति में इंडोनेशिया के लोगों को इस बात की अपेक्षा नहीं थी कि जकार्ता सरकार ऐसे व्यक्ति की मेज़बानी करेगी जिसके हाथ मुसलमानों के खून से रंगीन हैं।

दूसरा विषय इंडोनेशियाई मजदूरों विशेषकर महिलाओं के साथ सऊदी शासकों का व्यवहार है जिस पर इंडोनेशिया के लोगों को भारी आपत्ति है।

हालिया दो वर्षों में सऊदी कफीलों द्वारा इंडोनेशियाई मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार और इंडोनेशियाई महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं प्रकाशित हुई हैं। इंडोनेशिया की जिन महिलाओं को सऊदी अरब से निकाला गया है उन्होंने बताया है कि वर्षों तक सऊदी अरब में उनका यौन शोषण किया गया।

तीसरा विषय हज संस्कार के दौरान मारे जाने वाले इंडोनेशिया के 12 हाजियों के हर्जाने का न अदा किया जाना है।

बहरहाल इस प्रकार की परिस्थिति में इंडोनेशिया के लोगों की दृष्टि में उस व्यक्ति की मेज़बानी का न केवल कोई औचित्य नहीं दर्शाया जा सकता है बल्कि इंडोनेशियाई जनता का अपमान है जो मक्का और मदीने की भी सुरक्षा को सुनिश्चित न बना सका। MM