यमन में अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा
यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार के विदेशमंत्रालय ने आतंकवाद से संघर्ष के बहाने अमरीकी सैनिकों की एकपक्षीय कार्यवाही और देश में अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप की कड़े शब्दों में निंदा की है।
यमन की राजधानी सनआ में यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार के विदेशमंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि उत्तरी प्रांत शबवह और दक्षिणी प्रांत अबयन और बैज़ा प्रांतों में अमरीकी सैन्य कार्यवाहियां उस पक्ष के साथ समन्वय से अंजाम दी गयी है जिसकी कोई क़ानूनी वैधता नहीं है बल्कि उस पर कट्टरपंथी नीतियां अपनाने का भी आरोप है।
यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार के विदेशमंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यमन में अमरीकी सैनिकों की कार्यवाही, आतंकवाद से मुक्ति पाने के लिए परिणामहीन है। बयान में बल देकर कहा गया है कि यह कार्यवाही यमनी सुरक्षा अधिकारियों और गुप्तचर मंत्रालय के समन्वय के बिना, पेन्टागन और अमरीकी गुप्तचर संस्था के आप्रेशन कक्ष में तैयार की गयी जो यमन की घटनाओं की सच्चाई से पूरी तरह दूर है।
इससे पहले अमरीकी रक्षामंत्रालय पेन्टागन ने खुलकर यह कहा था कि पिछले एक महीने के दौरान उसके सैनिकों ने यमन में दूसरा हेलीबर्न अभियान अंजाम दिया और दावा किया कि यह अभियान यमन में आतंकवादी गुटों विशेषकर अलक़ायदा को नुक़सान पहुंचाने के लिए अंजाम दिया गया है।
यमन संकट के बारे में अमरीका के क्रियाक्लाप देखने से पता चलता है कि अमरीका, यमन में संयुक्त राष्ट्र संघ की गतिविधियों को बाधित करने और यमन की अखंडता का उल्लंघन करने में आगे आगे रहा है। यही नहीं अमरीका यमन संकट के राजनैतिक समाधान के मार्ग में न केवल यह कि रोड़े अटकाता है ब्लकि रणक्षेत्र में भी सऊदी अरब की हथियार और सामूहिक विनाश के हथियारों से भरपूर मदद कर रहा है। (AK)