व्यापक बहिष्कार के सामने ज़ायोनी शासन असहाय
ज़ायोनी शासन के वैश्विक बहिष्कार के आंदोलन के बाद, ज़ायोनी संसद ने फ़िलिस्तीन की अवैध धरती पर प्रतिबंधों के समर्थकों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है।
यह विषय इस्राईल के विरुद्ध युद्ध के नये मोर्चे के रूप में याद किया जा रहा है जबकि संसद ने इस्राईल विरोधी प्रतिबंधों से मुक़ाबला करने की मांग की है। इस क़ानून के आधार पर उन लोगों या गुटों को इस्राईल का वीज़ा जारी नहीं किया जाएगा जो इस्राईल के बहिष्कार आंदोलन के समर्थक हैं।
इस्राईल के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों ने इस शासन के अधिकारियों को चिंतित कर दिया है और वे विभिन्न बहानों से इस समस्या से छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे हैं। बीडीएस एक अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन है जिसका लक्ष्य इस्राईल पर राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक हथकंडे से दबाव डालना है ताकि वह फ़िलिस्तीन का अतिग्रहण समाप्त करे, भेदभाव को दूर करे और लाखों फ़िलिस्तीनियों को वापसी के अधिकार को स्वीकार करे।
बताया जाता है कि विभिन्न देशों ने इस्राईली उत्पादों के बहिष्कार, फ़िलिस्तीन की धरती पर अतिग्रहण की स्प्ति और फ़िलिस्तीनियों के अधिकारियों को आधिारिक रूप से स्वीकार करने के लिए कैम्पेन आरंभ किया है जिसने ज़ायोनी शासन के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हालिया वर्षों में ज़ायोनी शासन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक अलग थलग हो गया है और यह मामला केवल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि यूरोप तक पहुंच गया है। ज़ायोनी शासन के अलग थलग पड़ने का मुख्य कारण, उसके जघन्य अपराध और विस्तारवाद है। यही कारण है कि ज़ाायोनी शासन की विस्तारवादी नीतियों और उसके अपराधों की निंदा के लिए यूरोप के कई देशों सहित दुनिया के विभिन्न स्थानों पर इस्राईल के विरुद्ध प्रदर्शन होते रहे हैं। (AK)