बहरैन के वरिष्ठ धर्मगुरू के समर्थन में प्रदर्शन जारी हैं
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शैख ईसा कासिम पर 14 मार्च को मुकद्दमा चलाये जाने की संभावना है, 14 मार्च को ही सऊदी अरब के सैनिक जनक्रांति को कुचलने के लिए बहरैन गये थे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar १३, २०१७ १६:११ Asia/Kolkata

शैख ईसा कासिम पर 14 मार्च को मुकद्दमा चलाये जाने की संभावना है, 14 मार्च को ही सऊदी अरब के सैनिक जनक्रांति को कुचलने के लिए बहरैन गये थे।

बहरैनी धर्मगुरूओं के आह्वान पर इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरू शैख ईसा कासिम के समर्थन में प्रदर्शन जारी हैं।

बहरैनी जनता और धर्मगुरूओं का मानना है कि वरिष्ठ शीया धर्मगुरू शैख ईसा क़ासिम पर मुकद्दमा चलाया जाना धार्मिक पहचान और बहरैनी राष्ट्र पर मुकद्दमा चलाया जाना है और बहरैनी लोग प्रतिदिन शैख ईसा क़ासिम के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने आले खलीफा सरकार को शैख ईसा कासिम पर मुकद्दमा चलाये जाने के संभावित परिणामों के प्रति चेतावनी दी है।

बहरैन की आले खलीफा सरकार की एक अदालत गत 27 फरवरी को बहरैन की जनक्रांति के आध्यात्मिक पिता शैख ईसा कासिम पर मुकद्दमा चलाने वाली थी पर मुकद्दमा चलाने के परिणामों से भयभीत होने के कारण उसने कई बार इस मुकद्दमे को विलंबित कर दिया है।

मुकद्दमे के लिए जिस तारीख की घोषणा की गयी है उसके आधार पर शैख ईसा कासिम पर 14 मार्च को मुकद्दमा चलाया जायेगा, यह वही दिन है जिस दिन सऊदी अरब के सैनिक जनक्रांति को कुचलने के लिए बहरैन गये थे।

बहरैन की आले खलीफा सरकार इस बात की सही तरह से समीक्षा नहीं कर पा रही है कि शैख ईसा कासिम पर मुकद्दमा चलाने के क्या परिणाम हो सकते हैं इसीलिए वह इस मुकद्दमे को विलंबित कर देती है और यह इस बात का सूचक है कि बहरैन की तानाशाही सरकार इस देश की जनता के इरादों के मुकाबले में बौखालहट का शिकार है।

पिछले दो सप्ताह से बहरैनी जनक्रांति के आध्यात्मिक पिता के समर्थन में इस देश के लोग सड़कों पर डटे हुए हैं और शैख ईसा कासिम पर संभावित मुकद्दमा चलाये जाने की नई तारीख के अवसर पर इस देश की जनता का प्रदर्शन व सड़कों पर उपस्थिति अपने शिखर पर पहुंच गयी है।

बहरैन की तानाशाही सरकार ने जून 2016 में शैख ईसा कासिम की नागरिकता समाप्त कर दी और उन्हें अपने घर में नज़रबंद कर दिया।

बहरैनी सरकार का दावा है कि शैख ईसा कासिम ने विदेशी हितों को पूरा करने और हिंसा व साम्प्रदायिक मतभेदों को हवा देने के लिए अपने स्थान का प्रयोग किया है।

बहरैनी सरकार का यह दावा इस बात का सूचक है कि वह हर संभव बहाने से बहरैन की जनक्रांति को रोकने की चेष्टा में है किन्तु चूंकि इस क्रांति की जड़ें बहुत गहरी हैं इसलिए वह अपने गंतव्य तक पहुंचे बिना नहीं रुकेगी। MM