इस्राईली राजदूत के सामने नाची जमाल अब्दुन्नासिर की बेटी
मिस्र के भूतपूर्व राष्ट्रपति जमाल अब्दुन्नासिर के नवासे की शादी में इस्राईल के राजदूत की उपस्थिति में जमाल अब्दुलन्नासिर की लड़की ने जमकर डांस किया।
जमाल अब्दुन्नासिर के नवासे की शादी में इस्राईल के राजदूत की उपस्थिति पर अरब जगत के संचार माध्यमों में विभिन्न प्रकार से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस बारे में अरब जगत के जाने माने स्तंभकार अब्दुलबारी अत्वान ने एक लेख लिखा है। अपने लेख में अत्वान ने जमाल अब्दुन्नासिर के नवासे की शादी में इस्राईल के राजदूत की उपस्थिति की भूमिका की समीक्षा की है।
वे लिखते हैं कि अरब राष्ट्रवाद के प्रतीक जमाल अब्दुन्नासिर के नवासे की शादी में इस्राईल के राजदूत की उपस्थिति और उसके सामने जमाल की बेटी को खुलकर नाचता देखकर मुझको बड़ा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि मैंने इसके चित्र देखे हैं। अब्दुलबारी अत्वान लिखते हैं कि मोना अब्दुन्नासिर, उस अब्दुन्नासिर की बेटी है जिसने पश्चिम और ज़ायोनी विस्तारवादियों के मुक़ाबले में स्वतंत्रताप्रेमी आन्दोलन का खुलकर समर्थन किया। इसी कारण लाखों लोगों के दिल में उनके लिए विशेष स्थान है।
वे कहते है कि मोना अब्दुन्नासिर ने यह छिछोरा काम करके मुझ जैसे उन लाखों लोगों के दिलों को ठेस पहुंचाई है जो जमाल अब्दुन्नासिर का बहुत सम्मान करते हैं। अपने इस काम से मोना ने पूरे अरब जगत और अब्दुन्नासिर के चाहने वालों को दुखी किया है।
फ़िलिस्तीनी मूल के इस अरब लेखक का कहना है कि मैं कामना करता हूं कि जमाल अब्दुन्नासिर का नवासा, जिसकी शादी में इस्राईल के राजदूत ने भाग लिया, अपने पिता अशरफ मरवान के पद चिन्हों पर न चले जिसने मोसाद की जासूसी करके हज़ारो मिस्रवासियों और सीरियन की हत्या की भूमिका प्रशस्त की थी। मोसाद की जासूसी करके अशरफ़ मरवान ने अरबों के मुक़ाबले में इस्राईल को निश्चित हार से सुरक्षित कर दिया था। जमाल अब्दुन्नासिर के दामाद अशरफ़ मरवान ने 1973 कर युद्ध आरंभ करने की पूरी जानकारी मोसाद को देदी थी जिससे इस्राईल, निश्चित हार से बच गया और हज़ारों मुसलमान मारे गए। अशरफ़ मरवान ने तीन दशकों से अधिक समय तक मोसाद के लिए जासूसी की।
अब्दुलबारी अत्वान लिखते हैं कि कुछ महीने पहले मैने "फ़रिश्ते" नाम की एक किताब पढी जिसे मोसाद के एक पूर्व जासूस ने लिखा है। यहां पर फरिशते से तातपर्य अशरफ़ मरवान है क्योंकि उसने अपनी जासूसी से इस्राईल की बहुत सेवा की और उसे हार से बचा लिया।
अत्वान के लेख में आया है कि जमाल अब्दुन्नासिर, अशरफ़ मरवान के साथ अपनी बेटी, मोना अब्दुन्नासिर के विवाह के विरोधी थे। जब उन्होंने इस बारे में सख़्ती की तो मोना ने खुदकुशी की धमकी देदी जिसके बाद वे अनिच्छा से इस विवाह के लिए राज़ी हुए।
अशरफ़ मरवान, मोना अब्दुन्नासिर से इसलिए शादी करना चाहता था कि एक तो वह राष्ट्रपति की बेटी थी दूसरे उसकी नज़र उनकी धन-संपत्ति पर थी। अशरफ़ मरवान विलासी जीवन को पसंद करता था जिसके लिए पैसा बहुत ज़रूरी था। यह पैसा मोना के पिता से ही उसे मिल सकता था। अपनी ख़र्चीली ज़िदंगी को बाक़ी रखने के लिए उसने लंदन में इस्राईल दूतावास में जाकर अपना परिचय कराया और गुप्तचर विभाग के प्रमुख से मिलने की इच्छा व्यक्त की। पहले तो इस्राईली उसके साथ काम करने में हिचक रहे थे किंतु जब उनके लिए यह सिद्ध हो गया कि अशरफ़ मरवान बहुत ही ईमानदारी के साथ उनके साथ सहयोग कर रहा है तो फिर मोसाद ने उसे अपने से निकट कर लिया।
मोसाद ने पहली बार अशरफ़ मरवान को पचास हज़ार डालर दिये और बाद में उसे एक लाख डालर दिये जाने लगे। सूचनाओं के बदले मरवान को महीने में दो बार यह राशि दी जाने लगी। मोसाद ने अशरफ़ मरवान को 1973 के युद्ध के बारे में दी जाने वाली जानकारियों के बदले एक लाख डालर अलग से दिये थे। वैसे मरवान को समय-समय पर उपहार के रूप में भी पैसे दिये जाते थे।
सन 2007 में लंदन में अपने घर की ऊपरी मंज़िल से गिर जाने के कारण अशरफ़ मरवान मर गया किंतु जानकारों का कहना है कि यह उसकी प्राकृतिक मौत नहीं थी। मोना अब्दुन्नासिर ने कई बार कहा कि मेरे पति की हत्या मोसाद ने की है।
अब्दुल बारी अत्वान अपने लेख में लिखते हैं कि अशरफ़ मरवान, मोसाद के लिए एक फ़रिश्ता हो सकता है किंतु मुसलमानों और अरबों के लिए एक कलंक था।