बहरैन, वरिष्ठ शीया धर्मगुरु की नागरिकता रद्द
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आले ख़लीफ़ा सरकार ने बहरैन में अपनी हिंसक नीतियों को जारी रखते हुए वरिष्ठ शीया धर्म गुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के प्रतिनिधि और सहायक अब्दुल्लाह दक़्क़ाक़ और उनके दो साथियों की नागरिकता रद्द कर दी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr ०२, २०१७ १५:१७ Asia/Kolkata
  • बहरैन, वरिष्ठ शीया धर्मगुरु की नागरिकता रद्द

आले ख़लीफ़ा सरकार ने बहरैन में अपनी हिंसक नीतियों को जारी रखते हुए वरिष्ठ शीया धर्म गुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के प्रतिनिधि और सहायक अब्दुल्लाह दक़्क़ाक़ और उनके दो साथियों की नागरिकता रद्द कर दी।

लू लू टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन की फौजदारी अदालत ने वरिष्ठ शीया धर्म गुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के प्रतिनिधि अब्दुल्लाह दक़्क़ाक़ के साथ अब्दुल अमीर अलअरादी और हानि शाकिर कभी भी नागरिकता समाप्त करके उन्हें क्रमशः दस से पंद्रह साल क़ैद की भी सज़ा सुनाई है।

आले ख़लीफ़ा शासन के अधिकारियों का दावा है कि यह अदालती फ़ैसले, इन लोगों के विरुद्ध जारी किए गये हैं जो देश में अशांति और अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।

आले ख़लीफ़ाा शासन की दुखावटी अदालत के यह फ़ैसले एेसे समय में जारी किए जा रहे हैं कि जब बहैरन की अदालतों ने सज़ाए मौत सुनाने की रफ़्तार बढ़ा दी है और केवल पिछले सप्ताह आले ख़लीफ़ा शासन की अदालतों ने पांच बहरैनी नागरिकों को मौत की सज़ा सुनाई है और 11 नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी है।

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि बहरैनी शासन, अदालती मशिनरियों का प्रयोग और बहरैनी नागरिकों की नागरिकता रद्द करके अपने राजनैतिक विरोधियों पर दबाव डाल रही है और इस प्रकार वह उन्हें कुचल देना चाहती है। (AK)