यूरोपीय संघ आतंकवाद का समर्थन बंद करेः बश्शार असद
यूरोपीय संघ ने विभिन्न बहानों से तकफीरी आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश और जिब्हतुन्स्रा का समर्थन किया है।
सीरिया संकट के संबंध में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक तीन अप्रैल को लग्ज़म्बर्ग में आरंभ हुई। इसी प्रकार सीरिया संकट में युद्धरत पक्षों की उपस्थिति से एक अन्य बैठक ब्रसल्ज़ में होने वाली है।
यूरोपीय संघ ने ऐसी स्थिति में यह बैठक की है जब सीरिया संकट के 6 वर्ष बीत जाने के बावजूद यह संघ अब तक सीरिया संकट के संबंध में निष्पक्ष दृष्टिकोण न अपना सका।
सीरिया में अशांति आरंभ होने के बाद पश्चिमी देशों ने सीरिया की कानूनी सरकार के प्रति शत्रुतापूर्ण रवाइया अपनाया और अमेरिका यूरोपीय संघ के दो बड़े देशों अर्थात ब्रिटेन और फ्रांस से मिलकर सीरिया की बश्शार असद सरकार को गिराने में लग गया।
इस कार्य में सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे देश भी अमेरिका के साथ हैं।
इन देशों की नीति का आधार सीरिया में मौजूद आतंकवादियों का व्यापक समर्थन रहा है।
इन सबके बावजूद यूरोपीय देश अब इस बात के साक्षी हैं कि आतंकवादी व तकफीरी गुटों के व्यापक समर्थन के बावजूद विशेषकर सीरिया में हलब नगर की स्वतंत्रता के बाद स्थिति परिवर्तित हो गयी है और सीरिया की कानूनी सरकार का तख्ता पलटने का विचार कल्पना से अधिक कुछ और नहीं है इसीलिए अब वे पिछले कई महीनों से सीरिया में राष्ट्रीय सहमति और शांतिपूर्ण ढंग से सीरिया संकट के समाधान की बात कर रहे हैं।
सीरिया के संबंध में यूरोपीय देशों का शत्रुतापूर्ण रवइया इस बात का कारण बना है कि इस देश के राष्ट्रपति बश्शार असद यूरोपीय संघ की नीतियों के संबंध में नकारात्मक दृष्टिकोण अपनायें।
इसी संबंध में सीरिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि यूरोपीय संघ ऐसी स्थिति में सीरिया में पुनरनिर्माण की बात नहीं कर सकता जब वह इस देश में विनाशकारी कार्यवाहियों का समर्थन कर रहा है।
साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ सीरिया में आतंकवाद का समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ने विभिन्न बहानों से तकफीरी आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश और जिब्हतुन्स्रा का समर्थन किया है।
अतः बश्शार असद के कथनानुसार यूरोपीय संघ सीरिया संकट के संबंध में रचनात्मक भूमिका उस समय निभा सकता है जब वह सीरिया की संप्रभुता के संबंध में स्पष्ट व पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाये और इसी प्रकार आतंकवाद का समर्थन बंद करे। MM