अमेरिका ने सीरियाई छावनी पर हमला करके उसे तबाह कर दिया
अमेरिकी हमले से सीरिया संकट जटिल रूप धारण कर सकता है
अमेरिका ने सीरिया पर जो मिसाइल हमला किया है उसे डोनाल्ड ट्रंप के सत्ताकाल में वाशिंग्टन का पहला सीधा सैनिक हमला समझा जा रहा है परंतु मुख्य प्रश्न यह है कि इस हमले के प्रति रूस की संभावित प्रतिक्रिया क्या होगी?
इस हमले की पहली प्रतिक्रिया में रूस ने इसके पहलुओं की समीक्षा के उद्देश्य से अपने विदेशमंत्राल में आपात बैठक की। वर्तमान समय में रूस ने इस हमले के पहलुओं की जो समीक्षा की है उसके परिणाम अमेरिका की भावी कार्यवाहियों व हमलों से निपटने में प्रभावी व निर्णायक सिद्ध हो सकता है।
अमेरिका के इस हमले के बारे में दो प्रकार के विचार किये जा सकते हैं। पहला विचार यह है कि यह हमला क्षणिक और रासायनिक हथियारों की प्रतिक्रिया स्वरूप हो सकता है। इस स्थिति में रूस की प्रतिक्रिया सीमित और शब्दों में भर्त्सना की सीमा तक हो सकती है जैसाकि अमेरिकियों ने दावा किया है कि उन्होंने इस हमले के संबंध में रूस को सूचना दे दी थी।
वास्तव में अमेरिकियों का दावा है कि इस हमले के संबंध में रूसी एक प्रकार से चुप हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार रूसी इस हमले को ग़ैर कानूनी बता रहे हैं और उनका कहना है कि यह हमारा सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना राष्ट्रसंघ के एक सदस्य देश के विरुद्ध हुआ है और इस मामले की समीक्षा के लिए उन्होंने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
अमेरिका ने शुक्रवार की सुबह सीरियाई छावनी पर मिसाइलों से जो हमला किया है उसके बारे में दूसरा विचार यह है कि यह हमला सीरिया पर अमेरिका के बड़े पैमाने पर होने वाले हमले की भूमिका हो सकता है।
ध्यान योग्य संख्या में रूसी सैनिक और सैनिक संसाधन सीरिया में मौजूद हैं और रूस अमेरिका के हमले को एक प्रकार से अपने लिए चुनौती समझ सकता है इन सब बातों के दृष्टिगत कहा जा सकता है कि रूसी अधिकारी अमेरिका के इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इस स्थिति में सीरिया संकट और जटिल व विषम रूप धारण कर लेगा और वह एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती में परिवर्तित हो जायेगा। MM