सीरिया पर अमरीकी हमला, प्रतिक्रियाओं का क्रम जारी, हिज़्बुल्लाह की चेतावनी
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लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा है कि सीरिया पर अमरीका के मीज़ाइल हमले से पता चलता है कि वाशिंग्टन क्षेत्रीय जनता के विरुद्ध अपनी आक्रमक नीतियां जारी रखने पर बल दे रहा है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Apr ०७, २०१७ १८:१३ Asia/Kolkata
  • सीरिया पर अमरीकी हमला, प्रतिक्रियाओं का क्रम जारी, हिज़्बुल्लाह की चेतावनी

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा है कि सीरिया पर अमरीका के मीज़ाइल हमले से पता चलता है कि वाशिंग्टन क्षेत्रीय जनता के विरुद्ध अपनी आक्रमक नीतियां जारी रखने पर बल दे रहा है।

अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार हिज़्बुल्लाह ने अपने एक बयान में हुम्स की शईरात छावनी पर शुक्रवार की सुबह अमरीका के मीज़ाइल हमले की निंदा करते हुए बल दिया कि यह नया अपराध, वर्चस्ववादी लक्ष्यों और ज़ायोनी शासन की बेहतरीन सेवा की परिधि में अंजाम दिया गया हैै

हिज़्बुल्लाह के बयान में आया है कि सीरिया पर अमरीका का मीज़ाइल हमला, इस देश की सेना के मनोबल को प्रभावित नहीं कर सकता जिसने सीरिया के विभिन्न क्षेत्रों में अमरीका और उसके समर्थक आतंकवादियों को धूल चटा दी और अपनी सफलताओं का क्रम जारी रखे हुए है।

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध के बयान में आया है कि सीरिया की राष्ट्रीय अखंडता के खुले उल्लंघन में अमरीकी सरकार की मूर्खतापूर्ण कार्यवाही, क्षेत्रीय सतह पर ख़तरनाक और व्यापक तनाव फैलाने का कारण बनेगी और विश्व स्तर पर भी परिस्थिति जटिलतम होती जाएंगी।

दूसरी ओर यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह की राजनैतिक परिषद ने भी सीरिया पर अमरीका के मीज़ाइल हमले की निंदा करते हुए सीरिया सरकार और राष्ट्र के भरपूर समर्थन पर बल दिया है।

तसनीम न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, अंसारुल्लाह  की राजनैतिक परिषद ने शुक्रवार की शाम एक बयान जारी करके बल दिया कि सीरिया पर अमरीका के मीज़ाइल हमले से इस वास्तविकता का पता चलता है कि क्षेत्र को तबाह व बर्बाद करने के लिए वाशिंग्टन और तेल अवीव की योजना है और इस हमले के पीछे अमरीका का लक्ष्य, क्षेत्र में इस्राईल के प्रभाव को बढ़ना और इस शासन के दुश्मनों का सफ़ाया करना है और मार्ग में आले सऊद जैसे पिट्ठु शासन से सेवाएं ली गयी हैं।

अंसारुल्लाह की राजनैतिक परिषद के बयान में बल दिया गया है कि इस हमले के लिए अमरीका ने जो औचित्य पेश किया है वह निराधार और बिल्कुल बकवास है और इस सरकार ने इराक़ और दूसरे देशों पर हमले और उनके अतिग्रहण के लिए इस प्रकार के निराधार बहाने किए थे।

उधर मिस्र ने सीरिया पर हमले के परिणामों की ओर सचेत किया है।

मिस्र की संसद की विदेशी संपर्क समिति के प्रमख अहमद सईद ने बल दिया है कि मध्यपूर्व के देशों और दुनिया को अंतर्राष्ट्रीय तनाव का हर्जाना देना पड़ेगा।

मिस्र के विदेशमंत्रालय ने भी एक बयान जारी करके सीरिया में समस्त पक्षों से संर्घष विराम पर कटिबद्ध रहने और वार्ता की मेज़ पर लौटने पर बल दिया है।

मिस्र के विदेशमंत्रालय ने बल दिया है कि क़ाहिरा, सीरिया और मध्यपूर्व क्षेत्र में संकट के फैलाओं की समाप्ति की इच्छुक है।

मिस्र के विदेशमंत्रालय ने इसी प्रकार अमरीका और रूस से मांग की है कि सीरिया में न उलझें और इस देश के संकट के हल के लिए व्यापक उपाय प्राप्त करें।

ज्ञात रहे कि अमरीका ने गुरुवार की शाम सीरिया के होम्स प्रांत की शईरात हवाई छावनी पर 70 टाॅम हाॅक मीज़ाइल फ़ायर किए। ये हमला संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद और अमरीकी कांग्रेस की अनुमति के बिना हुआ है। इस मीज़ाइल हमले के लिए भूमध्य सागर में तैनात अमरीकी बेड़ों को इस्तेमाल किया गया और उनके माध्यम से ये मीज़ाइल फ़ायर किए गए।

अमरीका ने इस हमले के लिए ख़ान शैख़ून नामक इलाक़े पर रासायनिक हमले को बहाना बनाया है और कहा है कि यह रासायनिक हमला सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद के आदेश पर किया गया था। यह एेसी स्थिति में है कि जब सीरिया ने हर प्रकार के रासायनिक हथियार इस्तेमाल करने के आरोप को निराधार बताया है। (AK)