और दांत पीसने लगीं पश्चिमी इंटेलीजेन्स एजेंसियां!
सीरिया संकट को छह साल से ज़्यादा समय हो रहा है।
इस चरण पर यह कहना ग़लत नहीं कि अमरीका, इस्राईल और रूढ़िवादी अरबों का त्रिकोण पूरी तरह नाकाम हो गया। इस त्रिकोण की सारी अपेक्षाएं धरी की धरी रह गईं। बश्शार असद के विरोधी छह साल से यही रट लगाए हुए हैं कि बश्शार असद का सीरिया की सत्ता में अब कोई स्थान नहीं है लेकिन सच्चाई यह है कि इन अधिकारियों में बहुत से तो सत्ता से विदा हो चुके हैं और कुछ इस दुनिया से ही विदाई ले चुके हैं जबकि बश्शार असद आज भी सत्ता में बने हुए हैं हालांकि सीरिया में सरकार और जनता के विरुद्ध जो लड़ाई जारी है उसमें 100 से अधिक देशों के आतंकी शामिल हैं जिन्हें अमरीका, इस्राईल, सऊदी अरब, क़तर, तुर्की तथा अन्य का समर्थन प्राप्त है।
इस्राईल के एक राजनेता ने हेब्रू भाषा की वेबसाइट (WALLA) से बातचीत में कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति डाक्टर बश्शार असद ने एसे प्रतिरोध का प्रदर्शन किया है जिसकी अपेक्षा नहीं थी। यह धारणा भी ग़लत निकली कि बश्शार असद केवल तटीय शहरों को महत्व दे रहे हैं, इस लिए कि बश्शार असद सीरिया के हर क्षेत्र को आज़ाद करने का संकल्प रखते हैं। इस्राईली वेबसाइट ने पश्चिमी सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बश्शार असद की गतिविधियों ने पश्चिमी इंटेलीजेन्स एजेंसियों को परेशान करके रख दिया है विशेषकर इस लिए कि वह सीरियाई सेना को एकजुट रखने में सफल रहे और ईरान तथा हिज़्बुल्लाह से उनका गठबंधन मज़बूती के साथ जारी है। सूत्रों के अनुसार बश्शार असद राजधानी दमिश्क़ तथा तटीय क्षेत्रों के लिए सुरक्षा पट्टी बनाने में भी सफल हो गए हैं।
एक नज़र उन अधिकारियों के अंजाम पर डाल लेना उचित होगा जिन्होंने अपने बयानों में कहा था कि बश्शार असद अब कुछ दिनों के मेहमान हैं।
अकतूबर 2012 में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने पूरे विश्वास से कहा था कि सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद के बस गिने चुने दिन ही बचे हैं।
इस्राईल के पूर्व सुरक्षा मंत्री एहूद बाराक ने दिसम्बर 2011 में कहा था बश्शार असद का पतन मध्यपूर्व के लिए बहुत बड़ी नेमत होगा। इस्राईली मीडिया में बाराक के हवाले से यह बयान भी आया कि सीरिया में बश्शार असद के समर्थकों और विरोधियों में लड़ाई हो रही है और अब असद परिवार के दिन पूरे हो गए हैं कुछ ही हफ़्तों में यह परिवार ख़त्म हो जाएगा और बश्शार असद का शासन ख़त्म हो जाएगा।
तत्काली इस्राईली राष्ट्रपति शमऊन पेरिज़ ने भी कहा था कि बश्शार असद का अंत लीबिया के शासक मुअम्मर क़ज़्ज़ाफ़ी जैसा होगा और अरब लीग बश्शार असद के विरुद्ध साहसिक निर्णय ले रही है।
इस्राईली इंटेलीजेन्स संस्था मुसाद के पूर्व प्रमुख अवराएम हेलीवी ने कहा था कि यह देखना ज़रूरी है कि किन परिस्थितियों में बश्शार असद सत्ता से हट रहे हैं और असद के बाद सीरिया का शासन किसके हाथ में जाएगा।
इस्राईल को यक़ीन था कि असद सरकार गिर जाएगी और आज भी यह इस्राईल की रणनीति है कि बश्शार असद की सरकार का अंत हो जाए।
बश्शार असद का सत्ता में बने रहना सीआईए और मोसाद जैसी इंटेलीजेन्स एजेंसियों की बहुत बड़ी विफलता है क्योंकि अधिकारियों के बयान इंटेलीजेन्स एजेंसियों की रिपोर्टों के आधार पर ही थे यही कारण हैं कि यह इंटेलीजेन्स एजेंसियां बश्शार असद पर दांत पीस रही हैं।