इस्राईल और आतंकवाद एक ही सिक्के के दो रूप हैः जाफरी
सीरिया के गोलान की पहाड़ियों के अतिग्रहण के विषय की अनदेखी ऐसी स्थिति में की जा रही है जब गोलान की पहाड़ियों का विषय मध्यपूर्व के बुनियादी मामलों में से है।
संयुक्त राष्ट्रसंघ में सीरिया के राजदूत ने कहा है कि जायोनी शासन और आतंकवाद एक ही सिक्के के दो रूप हैं।
उन्होंने मध्यपूर्व में तथाकथित शांति प्रक्रिया के संयुक्त राष्ट्रसंघ के समन्वयकर्ता निकोलाइ मिलादीनोफ की उस रिपोर्ट की आलोचना की जिसे उन्होंने सुरक्षा परिषद में पेश की और उसमें सीरिया के गोलान की पहाड़ियों के अतिग्रहण की अनदेखी की गयी थी।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार बश्शार जाफरी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में जो गुरूवार की रात को मध्यपूर्व के मामलों की समीक्षा के लिए आयोजित हुई थी, कहा कि जायोनी शासन द्वारा सीरिया के गोलान की पहाड़ियों के अतिग्रहण के विषय की अनदेखी ऐसी स्थिति में की जा रही है जब गोलान की पहाड़ियों का विषय मध्यपूर्व के बुनियादी मामलों में से है।
उन्होंने कहा कि दमिश्क अपना भविष्य निर्धारित करने हेतु फिलिस्तीनी जनता के अधिकार, एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन और इसी प्रकार फिलिस्तीनी शरणार्थियों की स्वदेश वापसी के अधिकार पर बल देता है।
बश्शार जाफरी ने इस्राईल की अतिक्रमण नीतियों के मुकाबले में सुरक्षा परिषद के मौन के जारी रहने को अतिग्रहणकारी कार्यवाहियों और गैर कानूनी ढंग से जायोनी कालोनियों के निर्माण के जारी रहने का महत्वपूर्ण कारण बताया।
उन्होंने कहा कि इस्राईल के अतिक्रमण के मुकाबले में सुरक्षा परिषद का कमजोर दृष्टिकोण इस बात का कारण बना है कि जायोनी शासन गोलान के अतिग्रहित क्षेत्र में आतंकवादी गुटों के समर्थन में किसी प्रकार का भय न करे।
उन्होंने सुरक्षा परिषद में जायोनी शासन के प्रतिनिधि के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जिस शासन का आधार ही अतिग्रहण और राष्ट्रों को बेघर करना है वह न तो डेमोक्रेसी का दावा कर सकता है और न ही सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रति चिंता जता सकता है। MM