आतंकवादियों को अर्दोग़ान का समर्थन जारी
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इराक़ की स्वयंसेवी संस्था के प्रमुख ने कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति, इराक़ और सीरिया के सक्रिय आतंकवादियों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २२, २०१७ ११:१० Asia/Kolkata
  • आतंकवादियों को अर्दोग़ान का समर्थन जारी

इराक़ की स्वयंसेवी संस्था के प्रमुख ने कहा है कि तुर्की के राष्ट्रपति, इराक़ और सीरिया के सक्रिय आतंकवादियों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

हादी अलआमेरी ने अपने एक साक्षात्कार में कहा है कि अर्दोग़ान अब भी आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहे हैं।

तुर्की में संविधान में परिवर्तन के लिए कराए गए जनमत संग्रह के बाद अर्दोग़ान ने अपने एक संबोधन में आरोप लगाया था कि इराक़ के स्वयंसेवी, आतंकवादियों की भांति हैं।  इराक़ के मूसिल क्षेत्र को दाइश के आतंकवादियों से मुक्त कराने में इराक़ी स्वयंसेवी बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  इराक़ी सेना के साथ स्वयंसेवियों की कार्यवाही के कारण इस क्षेत्र से दाइश के आतंकवादियों को भागने पर विश्व होना पड़ रहा है।  मूसिल के पश्चिम में स्थित तेलअफर को स्वयंसेवियों ने घेर लिया है जहां दाइशी आतंकवादियों के चारों ओर से घिर जाने के बाद तुर्की के राष्ट्रपति का यह बयान सामने आया है।

इराक़ के स्वयंसेवी बलों के महासचिव के अनुसार अर्दोग़ान का बयान, आतंकवादी गुटों के समर्थन को छिपाने के उद्देश्य से दिया गया है।  उन्होंने कहा कि वैसे तो तुर्की ने आतंकवादियों के विरुद्ध संघर्ष की नीति अपनाई है किंतु व्यवहारिक रूप में एेसा दिखाई नहीं देता।

उल्लेखनीय है कि इराक़ में वरिष्ठ धर्मगुरुओं के आह्वान पर स्वयंसेवी बलों का गठन उस समय किया गया था जब आतंकवादी गुट दाइश बहुत तेज़ी से बग़दाद की ओर बढ़ रहा था।  इसके गठन के बाद से जब से इराक़ी स्वयंसेवियों ने अपनी कार्यवाहियां आरंभ की हैं, दाइश के हर जगह पर पराजय का मुंह देखना पड़ा है।  वर्तमान समय में इराक़ का बहुत बड़ा भूभूाग दाइश के आतंकवादियों के चंगुल से मुक्त कराया जा चुका है।  एेसे में दाइश की निष्ठा या उसके कार्य पर प्रश्न लगाने का अर्थ है कि आरोप लगाने वाला, दाइश की पराजय से दुखी है।  इराक़ी स्वयंसेवी बलों पर पंथवाद का भी आरोप नहीं लगाया जा सकता क्योंकि उसमें 20 प्रतिशत से अधिक सुन्नी मुसलमान शामिल हैं।

निःसन्देह, इराक़ में दाइश के विरुद्ध वहां के स्वयंसेवियों की कार्यवाही, यह बताती है कि वह बहुत ही सशक्त है और इराक़ को दाइश मुक्त बनाने में उसकी सबसे प्रभावी भूमिका है।