अमरीका, यमन के संप्रभुता को समाप्त करना चाहता हैः अंसारुल्लाह
यमन के अंसारुल्लाह जनांदोलन ने कहा है कि इस देश पर अमरीका व सऊदी अरब के हमलों का मुख्य लक्ष्य, यमन की संप्रभुता को समाप्त करना और यमनी जनता को स्वाधीनता से रोकना है।
मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने अलमसीरा टीवी से बात करते हुए कहा कि अमरीका व सऊदी अरब यमन के पश्चिम में स्थित अलहुदैदा बंदरगाह पर हमले की समीक्षा कर रहे हैं और उनकी कोशिश है कि यमन में संप्रभुता हीन सरकार का गठन कर दिया जाए। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका ने संयुक्त अरब इमारात की आड़ में सूकूतरा और मियून द्वीपों में सैन्य अड्डा बना लिया है, कहा कि अंसारुल्लाह जनांदोलन वार्ता के लिए तैयार है लेकिन वह अपने रुख़ से पीछे नहीं हटेगा। अंसारुल्लाह जनांदोलन के प्रवक्ता ने इसी तरह आतंकवाद से संघर्ष के पश्चिमी देशों के दावे के बारे में कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई, मुसलमानों और क्षेत्र को लक्ष्य बनाने के लिए एक बहाना है।
उधर यमन की उच्च क्रांतिकारी परिषद के प्रमुख मुहम्मद अली अलहूसी ने भी हुदैदा बंदरगाह पर सऊदी अरब के अतिक्रमण को अमरीकी साज़िश और इस बंदरगाह पर क़ब्ज़े के लिए फ़ार्स की खाड़ी के दक्षिणी तटवर्ती देशों को हथकंडे के रूप में प्रयोग करने की कोशिश बताया और कहा कि यह साज़िश, यमन के लोगों की समस्याओं को बढ़ाने, इस देश की आर्थिक स्थिति को और अधिक बिगाड़ने और यमन को तबाह करने के लिए रची गई है। ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने हुदैदा की बंदरगाह से यमन के लिए हथियारों की तस्करी का दावा करते हुए इसे सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया है और इस पर हमला करने की कोशिश में है। (HN)