ईरान के विरुद्ध सऊदी विदेशमंत्री का बयान
सऊदी अरब के विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर ने मास्को में कहा कि सऊदी अरब, सीरिया में ईरान और हिज़्बुल्लाह की उपस्थिति का विरोधी है। उन्होंने बुधवार को रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ से बाात करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि ईरान का सीरिया या दुनिया में कोई स्थान नहीं है।
सऊदी अरब के अधिकारी एेसी स्थिति में क्षेत्र में ईरान की उपस्थिति को हस्तक्षेप की संज्ञा दे रहे हैं कि यदि वह अपने अतीत पर नज़र डालें तो हालिया कुछ वर्षों में क्षेत्र में उनके कारनामों की पोल खुल जाएगी।
लगभग दो वर्ष पहले सऊदी अरब ने यमन की निहत्थी जनता पर व्यापक हमले किए और इस देश की जनता के विरुद्ध युद्ध अपराध कर रहा है। सऊदी अरब के अधिकारियों ने यमन पर हमले के लिए भ्रांतिपूर्ण दावे किए और यह आले सऊद की अपनी नीतियों में पराजय के चिन्ह के अतिरिक्त कुछ और नहीं है।
सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कुछ दिन पहले रियाज़ में अपने फ़्रांसीसी समकक्ष जान मार्क एरो से मुलाक़ात में दावा किया था कि सऊदी अरब ने यमन में ईरान के समर्थकों के हाथ काटने के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने मास्को में भी इसी प्रकार का दावा किया किन्तु दूसरे रूप में।
सऊदी अरब के अधिकारियों की निरंतर बहाने बाज़ियां, उसके चेहरे को सही करके पेश नहीं कर सकतीं। वास्तविकता यह है कि सऊदी अरब में पारिवारिक सरकार की छत्रछाया में पथभ्रष्ट वहाबी विचारधारा के विस्तार से ही उत्तरी अफ़्रीक़ा और पश्चिमी एशिया में तकफ़ीरी आतंकवाद का विस्तार हुआ है।
इन षड्यंत्रकारी कार्यवाहियों और सीरिया, इराक़ और यमन के विभाजन के सुनोयोजित षड्यंत्र के कारण रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। इस्लामी गणतंत्र ईरान ने सदैव से ही विश्व शक्तियों की हस्तक्षेपपूर्ण कार्यवाहियों की परवाह किए बिना, क्षेत्र में आतंकवाद से संघर्ष और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की स्थापना में बड़ी सहायता की है और उसे इस संबंध में सऊदी अरब से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।