बहरैन में मानवाधिकार के हनन पर अमरीका व ब्रिटेन की आलोचना
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ह्यूमन राइट्स वाॅच ने बहरैन में मानवाधिकार के हनन पर अमरीका व ब्रिटेन की सरकारों की ख़ामोशी को शर्मनाक बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २८, २०१७ १३:११ Asia/Kolkata
  • बहरैन में मानवाधिकार के हनन पर अमरीका व ब्रिटेन की आलोचना

ह्यूमन राइट्स वाॅच ने बहरैन में मानवाधिकार के हनन पर अमरीका व ब्रिटेन की सरकारों की ख़ामोशी को शर्मनाक बताया है।

ह्यूमन राइट्स वाॅच के मध्यपूर्व मामलों के उप प्रभारी "जो स्टोर्क" ने एक बयान जारी करके कहा है कि अमरीका सरकार ने बल देकर कहा है कि वह बहरैन में मानवाधिकार की स्थिति ख़राब होने के बावजूद इस देश को एफ़-16 युद्धक विमान बेचने का कार्यक्रम बना रही है। उन्होंने कहा कि बहरैन सरकार के एक और घटक ब्रिटेन ने भी आले ख़लीफ़ा की जेलों में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए कोई कोशिश नहीं की है। ह्यूमन राइट्स वाॅच के इस अधिकारी ने कहा है कि आले ख़लीफ़ा सरकार की ओर से मानवाधिकार पर ध्यान न दिए जाने पर वाॅशिंग्टन और लंदन की ख़ामोशी अत्यंत लज्जाजनक है।

 

ज्ञात रहे कि बहरैन में वर्ष 2011 से लोग, आले ख़लीफ़ा की अत्याचार व भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध कर रहे हैं जिसके चलते इस देश में राजनैतिक व सुरक्षा संकट उत्पन्न हो गया है लेकिन तानाशाही सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है बल्कि उसने हज़ारों लोगों को पकड़ कर जेल में डाल दिया है, सैकड़ों लोगों की नागरिकता समाप्त कर दी है, अनेक को मौत की सज़ा दी है जबकि दसियों लोगों को लम्बी अवधि के लिए जेल में डाल दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को भी गतिविधियों से रोक दिया गया है और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (HN)