क़ज़्ज़ाकिस्तान में आस्ताना बैठक का चौथा दौर सम्पन्न
सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत स्टीफेन दी मिस्तूरा ने इस बैठक की उपलब्धि को ईरान, रूस और तुर्क के कठिन प्रयासों का प्रतिफल बताया और सीरिया में हिंसा को रोकने की दिशा में उसे आशा जनक कदम की संज्ञा दी।
सीरिया संकट के समाधान के संबंध में क़ज़्ज़ाकिस्तान में आस्ताना बैठक का चौथा चरण सम्पन्न हो गया। ईरान, रूस और तुर्की ने आस्ताना वार्ता की समाप्ति पर घोषणा की है कि सीरिया के कुछ नियत क्षेत्रों में हिंसा कम करने के संबंध में सहमति बन गयी है।
इदलिब प्रांत, हम्स के उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी ग़ोता और सीरिया के दक्षिण में दरआ और कुनैयतरा वे क्षेत्र हैं जहां हिंसा कम करने के संबंध में सहमति बनी है।
अमेरिकी विदेशमंत्राल ने भी एक विज्ञप्ति जारी करके आस्ताना बैठक की समाप्ति पर जारी होने वाली विज्ञप्ति का स्वागत किया है परंतु साथ ही उसने दावा किया कि आस्ताना बैठक में इस्लामी गणतंत्र ईरान की ग़ैर रचनात्मक भूमिका रही और उसने सीरिया में केवल हिंसा को हवा देने की बात की।
अमेरिकी विदेशमंत्रालय की ओर से यह दावा ऐसी स्थिति में किया गया है जब सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत स्टीफेन दी मिस्तूरा ने इस बैठक की उपलब्धि को ईरान, रूस और तुर्क के कठिन प्रयासों का प्रतिफल बताया और सीरिया में हिंसा को रोकने की दिशा में उसे आशा जनक कदम की संज्ञा दी।
मिस्तूरा ने स्पष्ट किया कि ईरान के निरतंर प्रयास ही सीरिया में संकट के कम करने के संबंध में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
आस्ताना बैठक में जो सहमति बनी वह ईरान, रूस और तुर्की की सीधी भूमिका से हुई। सीरिया में जो युद्धविराम हुआ है वह मॉस्को में होने वाली त्रिपक्षीय बैठक का पहला परिणाम था।
बहुत कम लोगों को अपेक्षा रही होगी कि 20 दिसंबर वर्ष 2016 में मास्को में होने वाली त्रिपक्षीय सहमति का परिणाम निकलेगा।
इस समय आस्ताना बैठक में जो सहमति बनी है उसका अर्थ यह है कि इन बैठकों का परिणाम निकला है और सीरिया में शांति व सुरक्षा लौट आने की अपेक्षा में रहना चाहिये। MM