बहरैन की आग इराक़ पहुंची, ज़बरदस्त प्रदर्शन
इराक़ी जनता ने बड़ी संख्या में सोमवार को बग़दाद में बहरैन के दूतावास के सामने प्रदर्शन करके बहरैन के वरिष्ठ धर्म गुरु शैख़ ईसा क़ासिम पर मुक़द्दमा चलाए जाने के लिए आले ख़लीफ़ा शासन के प्रयासों और मानवाधिकारों के घोर हनन की निंदा की।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन में शामिल हज़ारों की संख्या में इराक़ी जनता ने घोषणा की है कि वह बहरैन की जनता और शैख़ ईसा क़ासिम के साथ हैं।
इराक़ की विभिन्न पार्टियों के नेताओं और वरिष्ठ हस्तियों ने भी पिछले दिनों बहरैन में मानवाधिकारों के घोर हनन पर विश्व समुदाय की चुप्पी की कड़े शब्दों में निंदा की थी।
बहरैन की दिखावटी अदालत शैख़ ईसा क़ासिम पर मनि लांड्रिंग का आरोप लगाकर मुक़द्दमा चला रही है और जनता के भय से अब तक कई बार सुनवाई स्थगित कर चुकी है। बहरैनी अदालत ने शैख़ ईसा क़ासिम के मुक़द्दमे की सुनवाई 21 मई तक स्थगित कर दी है।
बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने जून 2016 को इस देश के वरिष्ठ धर्म गुरु शैख़ ईसा क़ासिम की नागरिकता रद्द कर दी थी और तब से लेकर अब तक उनको घर में नज़र बंद कर रखा है। बहरैनी जनता भी वरिष्ठ धर्म गुरु से सहृदयता व्यक्त करते हुए उनके घर के बाहर धरने पर बैठी है।
बहरैन में 14 फ़रवरी 2011 से आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध जनता के शांतिपूर्ण आंदोलन जारी हैं। (AK)