शैख़ ईसा क़ासिम की सज़ा, जनता में आक्रोश
बहरैन में शैख़ ईसा क़ासिम के विरुद्ध न्यायालय के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बहरैन के वरिष्ठ धर्मगुरूओं ने आज के दिन को आक्रोश दिवस घोषित किया है।
अलआलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के धर्मगुरुओं ने अपने बयान में देश की जनता से आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध उठ खड़े होने की मांग की है।
बहरैनी धर्म गुरुओं ने बल दिया है कि शैख़ ईसा क़ासिम के विरुद्ध न्यायालय के फ़ैसले का अर्थ शीया मुसलमानों और उनके नेताओं को निशाना बनाया और उसके परिणाम शीया मुसलमानों से युद्ध की घोषणा है।
बहरैन की अलवेफ़ाक़ पार्टी ने भी इस देश की जनता से मांग की है कि वह अपने समस्त क़ानूनी अधिकारों का प्रयोग करते हुए शैख़ ईसा क़ासिम के विरुद्ध न्यायालय के अत्याचार पूर्ण फ़ैसले का विरोध करें।
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आले ख़लीफ़ा शासन ने रविवार को शैख़ ईसा क़ासिम को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप में 1 साल क़ैद की सज़ा दी और 1 लाख दीनार का जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार शैख़ ईसा क़ासिम के ख़िलाफ़ 3 साल क़ैद का आदेश स्थगित हो गया है।
बहरैन में अदालत इससे पहले 7 मई को यह हुक्त सुनाने वाली थी लेकिन जनमत और बहरैनी धर्मगुरुओं के दबाव में उसे यह फ़ैसला निलंबित करना पड़ा। (AK)