सऊदी अरब, अमरीका की दूध देती गाय
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान, सऊदी अरब के साथ 350 अरब डॉलर के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 110 अरब डॉलर का हथियारों का समझौता भी शामिल है, जो तत्काल रूप से लागू हो जाएगा।
अमरीका ने सऊदी अरब के साथ हथियार बेचने का अब तक का सबसे बड़ा समझौता करके विश्व में मानवाधिकारों का मज़ाक़ उड़ाया है।
सऊदी अरब ने 2010 और 2011 में भी अमरीका के साथ 65 अरब डॉलर से अधिक का हथियारों की ख़रीद के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, यह उस समय का सबसे बड़ा हथियार समझौता था। अब कुछ वर्षों बाद यह बढ़कर 110 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, संभव है जल्दी ही यह 300 अरब डॉलर तक भी पहुंच जाए।
अमरीका जब भी ज़रूरत होती है सऊदी अरब को दूध देती गाय की तरह दूह लेता है। इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में मिली असफलता से उसने यह सबक़ सीखा है कि अब वह युद्धों में ख़ून और ख़ज़ाने की बलि नहीं देगा, बल्कि अपनी लड़ाई अब दूसरों के ख़ून और पैसे से लड़ेगा।
अब अमरीका, यमन, सीरिया और इराक़ में सऊदी अरब को आगे बढ़ाकर प्रॉक्सी युद्ध लड़ा रहा है।
गल्फ़ एफ़ेयर्स के निदेशक अली अलअहमद का कहना है कि सऊदी अरब के साथ क़रीब 400 अरब डॉलर के समझौतों का अमरीकी जनता स्वागत करेगी, इसलिए कि इससे लाखों रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी। ट्रम्प इसे अमरीका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अहम उपलब्धि के रूप में पेश कर सकेंगे। msm