अमरीका अपराधियों को हथियार न बेचेः ह्यूमन राइट्स वाॅच
ह्यूमन राइट्स वाॅच ने यमनी जनता के विरुद्ध सऊदी अरब के अपराधों के कारण इस शासन को हथियार बेचने के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति को सचेत किया है।
अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार ह्यूमन राइट्स वाॅच ने "हथियारों के निर्यात में वृद्धि, ट्रम्प द्वारा यमन में सऊदी अरब के अपराधों का पारितोषिक" शीर्षक के अंतर्गत अपनी रिपोर्ट में सचेत किया कि अमरीका द्वारा उस देश को निरंतर हथियारों के बेचे जाने से जिसने निरंतर क़ानूनों का उल्लंघन किया है, अमरीकी अधिकारियों के लिए क़ानूनी ज़िम्मेदारी और युद्ध अपराध में सहायता करने के मामला बनता है।
इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सऊदी अरब के दौरे के समय ट्रम्प से मांग की है कि सऊदी अधिकारियों को यमन पर हमले के बारे में अपने व्यवहार में परिवर्तन का निमंत्रण दें।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब और अमरीका के बीच 460 अरब डॉलर मूल्य के हथियारों के समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
यह समझौता दो भागों पर आधारित है। एक भाग तुरंत रूप से प्रभाव में आएगा और दूसरा भाग 10 साल की अवधि पर आधारित है। हथियारों के समझौते का तुरंत रूप से प्रभाव में आने वाला भाग 110 अरब डॉलर मूल्य का है जबकि 10 साल की अवधि वाला हिस्सा 350 अरब डॉलर मूल्य का है। ट्रम्प के सऊदी अरब के दौरे के दौरान ही 110 अरब डॉलर मूल्य वाले भाग का क्रियान्वयन शुरु हो जाएगा।
सऊदी अरब ने 26 मार्च 2015 से यमन पर व्यापक आक्रमण आरंभ किए हैं जिसके दौरान ग्यारह हज़ार से अधिक लोग हताहत,दसियों हज़ार से अधिक घायल और लाखों लोग बेघर हो चुके हैंं (AK)