सऊदी अरब में 14 शिया मुस्लिम युवाओं को मौत की सज़ा
सऊदी अरब के उच्चतम न्यायालय ने क़तीफ़ इलाक़े के 14 शिया मुसलमानों को मौत की सज़ा सुनाई है।
लेबनान के अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़, गुरुवार को रियाज़ स्थित उच्चतम न्यायालय ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए 14 शिया युवकों को मौत की सज़ा सुना दी।
रिपोर्ट के मुताबिक़, इन युवकों पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में मुक़दमा चलाया गया, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आले सऊद शासन न्याय प्रणाली का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगा रहा है।
यही कारण है कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और शिया मुसमानों को गिरफ़्तार करके उन्हें मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जाती हैं, ताकि वे अपने ऊपर लगे झूठे आरोपों को स्वीकार कर लें।
आले सऊद शासन 2014 में बनाए गए आतंकवाद विरोधी क़ानूनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रहा है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन उसकी आलोचना करते रहे हैं।
मई में संयुक्त राष्ट्र ने इस क़ानून को लेकर सऊदी अरब की निंदा की थी और उससे मांग की थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ इसका इस्तेमाल बंद करे।
आले सऊद शासन ने 14 शिया मुसलमानों को ऐसी स्थिति में मौत की सज़ा सुनाई है, जब सऊदी सैनिकों ने पिछले कई हफ़्तों से शिया बाहुल्य इलाक़े अवामिया की घेराबंदी कर रखी है और कई लोगों को शहीद कर दिया है।
जनवरी 2016 में इसी इलाक़े के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह शेख़ निम्र को भी आले सऊद शासन ने मौत की सज़ा देकर शहीद कर दिया था। msm