प्रतिशोध का दिन आ गया हैः बहरैनी धर्मगुरु
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बहरैनी धर्म गुरुओं ने घोषणा की है कि देश के नागरिकों के विरुद्ध आले ख़लीफ़ा शासन के हालिया अपराध, अमरीका और क्षेत्र के कुछ देशों की मिली भगत से है जिसे विश्व समुदाय की मौन की छत्रछाया में अंजाम दिया जा रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २६, २०१७ २०:४१ Asia/Kolkata
  • प्रतिशोध का दिन आ गया हैः बहरैनी धर्मगुरु

बहरैनी धर्म गुरुओं ने घोषणा की है कि देश के नागरिकों के विरुद्ध आले ख़लीफ़ा शासन के हालिया अपराध, अमरीका और क्षेत्र के कुछ देशों की मिली भगत से है जिसे विश्व समुदाय की मौन की छत्रछाया में अंजाम दिया जा रहा है।

अल लूलू टीव चैनल की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के धर्मगुरुओं ने एक बयान जारी करके बल दिया है कि आले ख़लीफ़ा शासन से जनता के प्रतिशोध का दिन आ गया है। बयान में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्यवाही जितनी अधिक होगी, बहरैनी शासन से मुक़ाबले के लिए बहरैनी जनता के इरादे उतना ही मज़बूत होंगे।

बहरैनी धर्मगुरुओं ने बयान में बल दिया है कि जनता को हर प्रकार की चुनौतियों और संभावित कार्यवाहियों से मुक़ाबले के लिए स्वयं को तैयार रखना चाहिए।

ज्ञात रहे कि बहरैन की एक दिखावे की अदालत ने आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम  को एक साल जेल और उनकी संपत्ति ज़ब्त करने का फ़ैसला सुनाया था जिसके बाद जनता ने व्यापक स्तर पर इस फ़ैसले का विरोध किया।

जनता के विरोध के बीच ही आले ख़लीफ़ा शासन के सैनिकों ने उनके घर पर हमला किया जिसके दौरान 6 लोग हताहत, 200 घायल और 300 से अधिक गिरफ़्तार हुए। हमले से पहले बहरैनी सैनिकों ने उनके घर के चारों ओर कांटेदार तारों की बाड़ लगा कर वहां मौजूद लोगों को घेर लिया था।

इसी मध्य अलआलम टीवी चैनल ने रिपोर्ट दी है कि बहरैनी शासन ने दुराज़ क्षेत्र में मारे गये लोगों के परिवार के दो सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया है। शैख़ ईसा क़ासिम के घर पर सेना और सुरक्षा बलों के हमले के बाद बहरैनी शासन ने एक बार फिर दुराज़ क्षेत्र में नमाज़े जुमा के प्रतिबंध लगाए रखा। (AK)