क़तर ने किया विरोध, अरब देशों के बयान का
अरब देशों के बयान की क़तर ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
क़तर के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि आतंकवाद के समर्थन पर आधारित अरब देशों का दावा निराधार है जो निंदनीय है।
इस अधिकारी का कहना है कि इन सबका उद्देश्य, क़तर की छवि को ख़राब करके विश्व के सामने पेश करना है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र स्वयं को क़तर के विरुद्ध अन्तर्राष्ट्रीय जज समझ रहे हैं। क़तर के विदेशमंत्रालय का कहना है कि दोहा के विरूद्ध जारी की गई सूचि में क़तर के कुछ पत्रकारों के नाम भी हैं जिससे पता चलता है कि इसका उद्देश्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध करके भय का वातावरण पैदा करना है।
ज्ञात रहे कि क़तर के साथ अपने रिश्ते तोड़ने वाले सउदी अरब और उसके सहयोगियों ने आतंकवाद के सिलसिले में क़तर से जुड़े कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं की एक सूची जारी की है। इस सूची में 59 व्यक्तियों और 12 संस्थाओं के नाम हैं। इन अरब देशों ने पुष्टि की है कि वे ऐसे व्यक्तियों और समूहों पर कार्रवाई में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेंगे। सउदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र के संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह सूचि क़तर की नीतियों के दोहरेपन का संकेत देने वाले संदिग्ध एजेंडे को दशार्ती है। अरब देशों का कहना है कि यह सूची दिखाती है कि क़तर एक तरफ तो आतंकवाद से लड़ाई का ऐलान करता है जबकि दूसरी ओर वह विभिन्न आतंकी संगठनों का वित्तपोषण, समर्थन और मेज़बानी करता रहता है।