अमरीका के निवेदन पर तालेबान की मेज़बानी की, क़तर
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क़तरी विदेश मंत्री शैख़ मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी के सलाहकार मुतलक़ अलक़हतानी
क़तर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमरीका के निवेदन पर दोहा ने तालेबान की मेज़बानी की थी।
इन दिनों अमरीकी राष्ट्रपति और कई अरब शासन दोहा पर कथित रूप से चरमपंथी गुटों का समर्थन करने के कारण दबाव डाल रहे हैं।
आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्यवाही में क़तरी विदेश मंत्री के वरिष्ठ सलाहकार मुतलक़ अलक़हतानी ने रविवार को अलजज़ीरा टीवी चैनल से इंटर्व्यू में कहा कि क़तर ने अमरीकी सरकार के निवेदन पर तालेबान की मेज़बानी की और यह वार्ता व मध्यस्थता के ज़रिए शांति लाने की क़तर की खुली नीति के तहत था।
तालेबान ने 2013 में क़तर में राजनैतिक कार्यालय खोला था जिसे बाद में क़तरी सरकार ने बंद कर दिया। इसके बावजूद यह कहा जा रहा है कि तालेबान के नेता वहां मौजूद हैं।
ग़ौरतलब है कि अमरीका की ओर से क़तर सरकार पर तालेबान और चरमपंथी गुटों का समर्थन करने के लगाए गए आरोप के बाद क़तर पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन, मालदीव और मिस्र की ओर से दबाव बढ़ गया है। इन देशों ने क़तर से संबंध तोड़ लिए हैं।
समझा जाता है कि अभी हाल में अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के रियाज़ दौरे पर अरब राष्ट्रों से ईरान और आतंकवाद का समर्थन करने वाली सरकारों को अलग थलग करने के निवेदन के कारण सऊदी शासन क़तर के ख़िलाफ़ अपनी आक्रमक नीति को आगे बढ़ाने का साहस दिखा रहा है।
इन क्षेत्रीय देशों ने क़तर से ज़मीनी, हवाई और समुद्री संपर्क तोड़ लिए हैं, क़तरी कूटनयिकों को निकाल दिया है और ज़्यादातर क़तरी नागरिकों को स्वदेश लौटने का आदेश दिया है। (MAQ/N)