क़तर से की गई मांगों का व्यवहारिक होना असंभवः मानवाधिकार संगठन
ब्रिटेन स्थित अरब मानवाधिकार संघ ने क़तर पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों के कृत्य को निंदनीय बताया है।
रोएटर्ज़ के अनुसार ब्रिटेन में स्थित अरबों के संघ ने एक बयान जानी करके कहा है कि क़तर पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों की मांग का व्यवहारिक होना संभव नहीं है।
इस बयान में कहा गया है बहरैन से जो कुछ लोगों के प्रत्यर्यपर्ण की मांग की गई है उससे पहले यह मांग सऊदी अरब और बहरैन से की जाए जहां पर हज़ारों लोग बिना किसी मुक़द्दमे के निराधार आरोपों के जेलों में बंद हैं। मानवाधिकार संघ के बयान में आया है कि सऊदी अरब और बहरैन में एेसे लोगों को यातनाएं दी जाती हैं जो सही बातें सामने रखते हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात,बहरैन और मिस्र ने क़तर से मांग की है कि वह उन लोगों के इन देशों के हवाले करे जिनकी सूचित उसको दी गई है।