मांगों की सूचि पर क़तर से कोई वार्ता नहीं,
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i44490-मांगों_की_सूचि_पर_क़तर_से_कोई_वार्ता_नहीं
सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अलजुबैर ने कहा है कि क़तर से उन 13 मांगों के बारे में कोई वार्ता नहीं होगी जो सऊदी अरब, इमारात, मिस्र और बहरैन की ओर से दोहा सरकार के सामने रखी गई हैं।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jun २८, २०१७ ०९:०६ Asia/Kolkata
  • मांगों की सूचि पर क़तर से कोई वार्ता नहीं,

सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अलजुबैर ने कहा है कि क़तर से उन 13 मांगों के बारे में कोई वार्ता नहीं होगी जो सऊदी अरब, इमारात, मिस्र और बहरैन की ओर से दोहा सरकार के सामने रखी गई हैं।

वाशिंग्टन में मंगलवार को पत्रकारों के बीच बोलते हुए आदिल अलजुबैर ने कहा कि मांगों की सूचि के बारे में क़तर से कोई बात नहीं होगी।

ज्ञात रहे कि चार अरब देशों ने क़तर के सामने तेरह मांगें रखी हैं जिनमें अलजज़ीरा टीवी चैनल को बंद करना, ईरान से संबंध तोड़ना और तुर्की से सहयोग बंद करने जैसी मांगें शामिल हैं जिन्हें क़तर ने ठुकरा दिया है।

क़तर के साथ सऊदी अरब और इमारात का विवाद बहुत आगे बढ़ चुका है। कुछ टीकाकार यहां तक कह रहे हैं कि यह मतभेद सैनिक टकराव तक आगे बढ़ सकता है इस लिए कि क़तर ने इन मांगों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है।

कुछ अरब देशों ने इस मामले में सऊदी अरब का साथ दिया है लेकिन अधिकतर अरब व इस्लामी देशों को सऊदी अरब का यह तरीक़ा पसंद नहीं आया है और अरब जगत में यह चिंता जताई जा रही है कि यदि सऊदी अरब इस समय क़तर को झुका ले गया तो वह भविष्य में दूसरे भी अरब देशों को इसी अंदाज़ से झुकाने की कोशिश करेगा।