सऊदी सैन्य हस्तक्षेप से नहीं डरतेः क़तरी विदेशमंत्री
क़तर के विदेशमंत्री ने कहा है कि उनका देश एक स्थिर क्षेत्र में है और सऊदी अरब के सैन्य हस्तक्षेप से उसे कोई भय नहीं है।
इटली की समाचार एजेन्सी "ली फ़ारमीके" के हवाले से इर्ना ने रिपोर्ट दी है कि क़तर के विदेशमंत्री मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने रविवार को रोम में एक प्रेस कांफ़्रेंस में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की अतार्किक मांगों की ओर संकेत करते हुए कहा कि क़तर के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही, अंतर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है और सऊदी अरब की मांग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और क़तर की संप्रभुता का ख़िलाफ़ समझी जाती है।
क़तर के विदेशमंत्री ने बल दिया कि क़तर का सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, मिस्र और बहरैन की मांगों का सम्मान करने का कोई इरादा नहीं है क्योंकि यह मांगें अंतर्राष्ट्रीय नियमों और देश की संप्रभुता के विरुद्ध है।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, मिस्र और बहरैन ने 5 जून 2017 को क़तर के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के लिए 13 शर्तें रखी थीं और इन्हें मानने के लिए 10 दिया का समय दिया था। शर्तो की समयावधि 3 जुलाई को समाप्त हो जाएंगी।
सऊदी अरब की मुख्य शर्तों में ईरान, हिज़्बुल्लाह और मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ संबंधों को तोड़ना, अलजज़ीरा नेटवर्क को बंद करना और तुर्की के सैन्य अड्डे को हटाना था। (AK)