क़तर के ख़िलाफ़ और कड़े क़दम उठाने की तैयारी
क़तर और अरब देशों के बीच जारी विवाद के और बढ़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
क़तर ने चार अरब देशों सऊदी अरब, इमारात, बहरैन और मिस्र द्वारा पेश की गई 13 मागों को 10 दिन के भीतर पूरा करने से साफ़ इंकार कर दिया है और यह अवधि रविवार को पूरी हो गई। उधर चारों देशों ने क़तर को और 48 घंटे का समय देते हुए अगले क़दम पर विचार के लिए मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में एक बैठक आयोजित की है।
मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह बैठक बुधवार को होगी और इसमें क़तर के साथ जारी संकट की समीक्षा की जाएगी।
टीकाकार मानते हैं कि यह चारों देश क़तर को पहले ही गंभीर धमकियां दे चुके हैं और अब जबकि क़तर ने उनकी मांग पूरी करने से साफ़ इंकार कर दिया है तो वह निश्चित रूप से कुछ बड़े क़दम उठाने की कोशिश करेंगे।
क़तर के ख़िलाफ़ कार्यवाही करते हुए उसे फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद से निकाल दिए जाने के इशारे भी मिले हैं जबकि क़तर में सऊदी अरब और इमारात द्वारा किया गया निवेश समाप्त किए जाने और चारों देशों में क़तर की संपत्ति ज़ब्त करने जैसे क़दम उठाए जा सकते हैं।
क़तर के अलजज़ीरा टीवी चैनल व अन्य चैनलों का प्रसारण अरबसैट और नाइलसैट से रोका जा सकता है।
क़तर का कहना है कि चारों देशों ने जो मांग रखी है वह क़तर की संप्रभुता का हनन है अतः दोहा यह मांगें स्वीकार करले इसका कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।