फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद का अंत निकट: क़तर
क़तर के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके देश ने 1921 में फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद की नींव डाली थी लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह परिषद अपने अंत के निकट पहुंच गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क़तर के उप विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन हमद अलअतिया ने कहा है कि क़तर ने अरब देशों द्वारा की गई घेराबंदी से बड़ा सबक़ हासिल किया है। अलअतिया ने कहा की क़तर, हालिया संकटमय स्थिति और सऊदी अरब की अगुवाई में कुछ अरब देशों द्वारा की गई घेराबंदी से निपटने की भरपूर क्षमता रखता है।
उन्होंने क़तर की घेराबंदी करने वाले देशों के रवैये को अतार्किक करार देते हुए कहा कि क़ाहिरा में होने वाला क़तर विरोधी सत्र शुरू होने से पहले ही विफल हो गया। दूसरी ओर क़तर के वित्त मंत्री अली शरीफ अलएमादी ने कहा है कि उनका देश प्राकृतिक गैस की बिक्री से प्राप्त होने वाले बड़ा वित्तीय भंडार और राष्ट्रीय उत्पादन से 250 गुना अधिक के विदेशी मुद्रा के माध्यम से घेराबंदी के नकारात्मक प्रभावों से निपटने की पूरी ताक़त रखता है।
इस बीच क़तर पोर्ट समूह ने हमद बंदरगाह से बाहरी दुनिया के पांच नए शीपिंग रूट शुरू करने की घोषणा की है। क़तर पोर्ट समूह के अनुसार पांच नए शीपिंग रूट अगले बीस दिनों के भीतर सक्रिय हो जाएंगे। क़तर पोर्ट ऑरगेनाईज़ेशन के मुताबिक़ यह क़दम क़तर आने वाले समुद्री विशेषकर मालवाहक जहाज़ों के रास्ते में पड़ोसी देशों द्वारा उत्पन की जाने वाली अड़चनों से मुक़ाबले के लिए किया जा रहा हे।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरैन और मिस्र ने पांच जून को एक साथ क़तर से अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ लिया था और साथ ही इस देश के साथ अपनी,ज़मीनी, हवाई और समुद्री सीमाएं भी बंद कर दी थीं।
इसी मध्य यह भी ख़बरें प्राप्त हो रही हैं कि दुबई के उप पुलिस प्रमुख ने क़तर को अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण में लेने की अपील की है। दुबई के उप पुलिस प्रमुख के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय देख-रेख में आने के बाद दोहा द्वारा किए जा रहे आतंकवाद के समर्थन और सहायता का रास्ता रोका जा सकेगा। उन्होंने कतर की जनता से भी अपील की है कि वह राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करके, क़तर के शासक शेख़ तमीम बिन हमद आले सानी को सत्ता से हटा दे। (RZ)