बहरैन, मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब को दो साल की सज़ा
बहरैन की अदालत ने सरकार विरोधियों का दमन जारी रखते हुए देश के सक्रिय मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब को दो साल क़ैद की सज़ा सुनाई है।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन की अदालत ने अपने एक आदेश में मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब पर झूठी ख़बरें फैलाने और देश की भीतरी स्थिति के बारे में अफ़वाह फैलाने के आरोप में दो साल की सज़ा सुनाई है।
हाल ही में एमेनेस्टी इन्टरनेश्नल ने जेल में बंद नबील रजब की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बहरैनी अधिकारियों से मांग की थी कि नबील रजब को जो अपनी आस्था व्यक्त करने के जुर्म में जेल में हैं, तुरंत और बिना किसी पूर्व शर्त के स्वतंत्र किया जाए।
ह्यूमन राइट्स वाॅच भी कई बार नबील रजब की आज़ादी की मांग कर चुका है। बहरैनी में 14 फ़रवरी 2011 से आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध जनक्रांति जारी है। जनता देश में लोकतंत्र की स्थापना और भेदभाव समाप्त करने की मांग कर रही है। (AK)