जुमे की नमाज़ बैतुल मुक़द्दस में ही पढ़ेंगेः फ़िलिस्तीनी
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फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि हर प्रकार के प्रतिबंध के बावजूद जुमे की नमाज़ वे मस्जिदुल अक़सा में ही पढ़ने जाएंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २०, २०१७ ०६:०४ Asia/Kolkata
  • जुमे की नमाज़ बैतुल मुक़द्दस में ही पढ़ेंगेः फ़िलिस्तीनी

फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि हर प्रकार के प्रतिबंध के बावजूद जुमे की नमाज़ वे मस्जिदुल अक़सा में ही पढ़ने जाएंगे।

फ़िलिस्तीन के वक़्फ़ बोर्ड ने समस्त फ़िलिस्तीनियों से मांग की है कि जुमे की नमाज़ को वे मस्जिदुल अक़सा में ही जाकर पढ़ें।  फ़िलिस्तीन के वक़्फ़ बोर्ड ने बयान जारी किया है कि हर प्रकार के प्रतिबंध और मस्जिदुल अक़सा के प्रेवश द्वाराों पर इलेक्ट्रानिक स्कैनर लगाए जाने के बावजूद  21 जूलाई को जुमे की नमाज़ वे मस्जिदुल अक़सा में ही अदा करेंगे।  इस बयान में कहा गया है कि जुमे के दिन नमाज़े जुमे के समय फ़िलिस्तीन की सारी मस्जिदें बंद रहेंगी और नमाज़ के लिए सबलोग मस्जिदुल अक़सा आएं।

ज्ञात रहे कि ज़ायोनी सैनिकों द्वारा फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों को मस्जिदुल अक़सा जाने से रोकने के विरोध में फ़िलिस्तीनियों ने बुधवार को ज़ोहर की नमाज़ मस्जिद के दरवाज़े के बाहर पढ़ी थी।  नमाज़ के दौरान ज़ायोनी सैनिकों ने उनपर हमला भी किया किंतु फ़िलिस्तीनी नमाज़ पढ़ते रहे।

उल्लेखनीय है कि मस्जिदुल अक़सा के अहाते में इस्राईली सैनिकों की फ़ायरिंग में तीन फ़िलिस्तीनियों की शहादत और दो इस्राईली सैनिकों की मौत के बाद, इस्राईल ने बैतुल मुक़द्दस (यरूशलेम) के प्रमुख धर्मगुरू को गिरफ़्तार कर लिया और इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र धार्मिक स्थल में नमाज़े जुमा अदा नहीं होने दी।

ज्ञात रहे कि इस्राईलियों ने हालिया महीनों में मस्जिदुल अक़सा पर हमलों में अत्यधिक वृद्धि कर दी है।  लंबे समय से ज़ायोनी, मस्जिदुल अक़सा के वास्तविक ढांचे को बदले के प्रयास में लगे हुए हैं।  पत्थर से बनाए गए इस प्राचीन धर्मस्थल को मुसलमान, अल-हरम अल-शरीफ़ भी कहते हैं।  पवित्र स्थलों मक्का एवं मदीना के बाद बैतुल मुक़द्दस, मुसलमानों का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।  इसी के अहाते में सातवीं ईसवी शताब्दी से संबंधित क़ुब्बतुस्सख़रा या "डोम ऑफ़ द रॉक" नामका गुम्बद स्थित है। हर शुक्रवार को हज़ारों मुसलमान मस्जिदुल अक़सा में नमाज़े जुमा अदा करते हैं।

इस मस्जिद के कम्पाउंड की पश्चिमी दीवार या वेलिंग वाल को यहूदी अपना सबसे पवित्र धर्मस्थल मानते हैं।