मुक़्तदा सद्र का सऊदी अरब के दौरे का नतीजा
इराक़ के सद्र अभियान के प्रमुख मुक़्तदा सद्र ने 30 जुलाई को सऊदी अरब के दौरे पर सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान से भेंटवार्ता की।
सऊदी अरब और इराक़ के बीच संबंध में 2003 से अब तक विश्वास नहीं था। अविश्वास की इस भावना के पीछे इराक़ में सत्ता के ढांचे में हुए बदलाव पर रियाज़ की नाराज़गी थी। हालांकि यह भी सच है कि इराक़ के पूर्व शासन के दौरान भी सऊदी अरब के इराक़ से अच्छे संबंध नहीं थे। सऊदी हुकूमत ने इराक़ के बारे में एक समय तक अनिश्चय की स्थिति में रहने बाद पिछले 8 साल में इराक़ के राजनैतिक मंच पर रोल निभाने की कोशिश की। इस बीच इराक़ के संबंध में रियाज़ का रोल नकारात्मक रहा और इसका लक्ष्य इराक़ सरकार की स्थिति को नुक़सान पहुंचाना रहा।
महत्वपूर्ण बिन्दु यह है कि सऊदी अरब के राजदूत के रूप में सामिर सबहान के बग़दाद पहुंचने के बाद सद्र दल के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के रूप में इराक़ में अशांति और इसी प्रकार अर्बील में सऊदी वाणिज्य दूतावास के खुलने के बाद इराक़ी कुर्दिस्तान और बग़दाद सरकार के बीच तनाव का ग्राफ़ ऊपर चढ़ता रहा। एबादी सरकार के ख़िलाफ़ सद्र धड़े के व्यापक प्रदर्शन के आयोजन में बग़दाद में सामिर सबहान का रोल और इसी प्रकार सामिर सबहान का हश्दुश्शअबी के ख़िलाफ़ बयान व इराक़ में राजनैतिक तनाव बढ़ाने में उनका रोल इतना स्पष्ट था कि इराक़ियों ने सऊदी राजदूत को बग़दाद से निकाल बाहर करने की मांग की और अंततः सबहान को इराक़ छोड़ना पड़ा।
मुक्तदा सद्र के सऊदी अरब के दौरे पर सामिर सबहान ने उनका जद्दा में स्वागत किया।
इस बात को नज़रअंदाज़ करते हुए कि मुक़्तदा सद्र के सऊदी अरब के दौरे के पीछे क्या लक्ष्य हैं, यह कहना ग़लत न होगा कि आले सऊद शासन और ख़ास तौर पर नए व जवान युवराज पर सद्र धड़े के प्रमुख की ओर से सीमा से ज़्यादा भरोसा न सिर्फ़ यह कि इराक़ में राजनीति व सुरक्षा के क्षेत्र में नए बदलाव का सबब बन सकता है बल्कि मुक़्तदा सद्र और उनके दल के भविष्य पर भी असरअंदाज़ हो सकता है। (MAQ/T)