हश्दुश्शअबी के ख़िलाफ़ इराक़ में साज़िश
इराक़ी स्वंयसेवी बल हश्दुश्शअबी के उपप्रमुख अबू महदी अलमोहन्दिस ने कहा कि इराक़ को अभी भी हश्दुश्शअबी की ज़रूरत है क्योंकि मूसिल की आज़ादी का अर्थ दाइश का अंत नहीं है।
पिछले तीन साल में दाइश के ख़िलाफ़ जंग में इराक़ी सेना के साथ हश्दुश्शअबी ने भी बहुत अहम योगदान दिया। इसलिए 26 नवंबर 2016 को इराक़ी संसद ने बहुमत से हश्दुश्शअबी को इराक़ सशस्त्र बल का अंग घोषित किया। लेकिन इस बल के विरोधी इसके क़ानूनी होने के बावजूद इराक़ सरकार पर इसे भंग करने के लिए दबाव डालते रहे और यह कोशिश अब भी जारी है।
हश्दुश्शअबी के विरोधी यह इल्ज़ाम लगा रहे हैं कि यह बल इराक़ी सेना के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए गठित हुया है। इस इल्ज़ाम को इराक़ी अधिकारी हमेशा रद्द करते रहे हैं।
हश्दुश्शअबी के ख़िलाफ़ दूसरी भ्रान्ति व इल्ज़ाम जो मूसिल की आज़ादी के बाद से फैलाया जा रहा है वह यह है कि इराक़ सरकार और हश्दुश्शअबी के बीच मतभेद के कारण सरकार ने इस बल को भंग करने का इरादा किया है। इस भ्रान्ति व इल्ज़ाम के पीछे कारण यह है कि हश्दुश्शअबी के विरोधी यह दावा कर रहे हैं कि यह बल एक राजनैतिक दल के रूप में कुछ ख़ास लोगों व दलों की सेवा में रहेगा जो मुख्य रूप से इराक़ी प्रधान मंत्री के प्रतिस्पर्धी हैं। यह इल्ज़ाम ऐसी हालत में लगाया जा रहा है जब हश्दुश्शअबी अपने प्रशासनिक ढांचे के तहत प्रधान मंत्री के अधीन है और साथ ही सुरक्षा के लिए स्वंयसेवी बल भी है।
ऐसा लगता है कि इराक़ी प्रधान मंत्री और हश्दुश्शअबी के बीच मतभेद की बात फैलाना उस साज़िश का हिस्सा है जिसका लक्ष्य इराक़ी प्रधान मंत्री को इस बल को भंग करने के लिए बाध्य करना है। इसी परिप्रेक्ष्य में हश्दुश्शअबी के उपप्रमुख अबू महदी अलमोहन्दिस ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि हश्दुश्शअबी का सरकार के साथ अच्छा संबंध है कहा कि प्रधान मंत्री के साथ हश्दुश्शअबी का संबंध उसी तरह है जिस तरह एक सैनिक का कमान्डर से होता है।
हश्दुश्शअबी का बाक़ी रहना दो वजह से ज़रूरी है। एक दाइश के अतिग्रहण में रह चुके क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए और दूसरे इराक़ी संसद में 26 नवंबर 2016 को पारित हुए क़ानून के तहत जिसमें इसे देश की सुरक्षा की फ़ोर्सेज़ का हिस्सा माना गया है कि जिसकी गतिविधियां किसी ख़ास समय के लिए विशेष नहीं है। (MAQ/T)