सऊदी अरब के अपहरित राजकुमार
बीबीसी अरबी एक डाक्यूमेंट्री दिखाने जा रहा है जिसमें सऊदी अरब के अपहरित राजकुमारों पर चर्चा की गई है।
बीबीसी अरबी की इस डाक्युमेंट्री में बताया गया है कि सऊदी राजकुमारों का अपहरण किसी और ने नहीं बल्कि ख़ुद सऊदी सरकार ने किया है और उन्हें नज़रबंद कर दिया गया जिसके बाद किसी ने उनके बारे में न कुछ सुना और न वह कहीं दिखाई दिए।
फ़िल्म का जो ट्रेलर जारी किया गया है उससे ही अनेक सवाल उठने शुरू हो गए और जब मीडिया ने इस बारे में सऊदी अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। इनमें से एक राजकुमार एसा भी है जो इस समय जर्मनी में रहता है। इस राजकुमार का कहना है कि शाही परिवार के जिन राजकुमारों का अपहरण किया गया और जिन्हें नज़रबंद कर दिया गया उनमें अधिकतर वह लोग हैं जिन्होंने देश की शासन व्यवस्था पर कोई टिप्पणी और किसी भी प्रकार के सुधार की मांग की। कुछ राजकुमार तो एसे भी थे जिन्होंने आले सऊद सरकार का तख़्ता उलट देने पर भी ज़ोर दिया।
मीडियाकर्मियों में यह सवाल बार बार उठ रहा है कि सऊदी अधिकारी इन राजकुमारों के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से बचते क्यों हैं। आजकल यह सवाल और भी उठ रहा है क्योंकि सऊदी प्रशासन का दावा है कि वह समाज में खुला वातावरण पैदा करने के लिए ठोस क़दम उठा रहा है। मुहम्मद बिन सलमान के काल में इस बात का बड़ा प्रचार किया जा रहा है कि अब सऊदी समाज में आज़ाद विचार और आज़ाद आवाज़ को स्पेस मिलेगा लेकिन पश्चिमी देशों के मीडिया की रिपोर्टें कहती हैं कि सऊदी अरब में गिरफ़तारियां और विरोधी आवाज़ को कुचलने की घटनाएं और बढ़ गई हैं।
ख़ालिद जयूसी
फ़िलिस्तीनी पत्रकार व लेखक