इस्राईल द्वारा निर्माण की जा रही दीवार ग़ैर कानूनी हैः हमास
इस्राईल द्वारा निर्माण की जा रही दीवार का लक्ष्य ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन को कड़ा करना है।
फिलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास के प्रवक्ता ने कहा है कि जायोनी शासन ग़ज्ज़ा पट्टी के पास जो दीवार बना रहा है वह ग़ैर क़ानूनी है और उसका लक्ष्य ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन को कड़ा करना है।
हमास के प्रवक्ता अब्दुल्लतीफ अलक़ानूअ ने कहा कि जायोनी शासन फिलिस्तीनी प्रतिरोध को उकसाने के लक्ष्य से इस कार्य को अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस दीवार के निर्माण से जायोनी शासन के लिए सुरक्षा उत्पन्न नहीं होगी।
ज्ञात रहे कि जायोनी सेना ने पिछले कई महीनों से कंकरीट के ब्लाक्स को जोड़कर ग़ज्ज़ा पट्टी और अवैध अधिकृत फिलिस्तीन के बीच दीवार का निर्माण आरंभ किया है। जायोनी सूत्रों की घोषणा के अनुसार इस दीवार की लंबाई 64 किलोमीटर होगी और उसके निर्माण पर अरबों डॉलर का खर्च आयेगा।
जायोनी शासन ने इसी प्रकार हालिया वर्षों में मिस्र की सीमा, सीरिया की गोलान की पहाड़ियों और इसी प्रकार जार्डन के साथ लगने वाली अपनी सीमा के कुछ भाग पर दीवार के निर्माण को अपनी कार्यसूची में शामिल कर लिया है। जायोनी अधिकारी दीवारों के निर्माण को इस्राईल की सीमा के रूप में देख रहे हैं।
फिलिस्तीन में होने वाले परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि इस्राईल ने अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में जो भी नीतियां अपनाईं वे लाभहीन रहीं इसलिए उसने अब अवैध अधिकृत फिलिस्तीन की सीमाओं पर दीवारों के निर्माण का निर्णय किया है और व्यवहारिक रूप से इस्राईल ने एक प्रकार से स्वयं को इन दीवारों से घेर लिया है।
इस प्रकार की परिस्थिति में जायोनी शासन दीवारों के निर्माण के साथ नस्लभेद पर आधारित क्षेत्र में अपने दूसरे लक्ष्यों को भी साधने की चेष्टा में है।
फिलिस्तीनियों के परिवेष्टन को कड़ा करना और दीवार का निर्माण करके अतिग्रहण को टिकाऊ बनाना इस्राईल के दूसरे वर्चस्ववादी लक्ष्य हैं। यह वह विषय है जिस पर फिलिस्तीनियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है।
बहरहाल ग़ज़्ज़ा पट्टी को घेरने वाली दीवार का निर्माण ऐसी स्थिति में किया जा रहा है जब इस क्षेत्र के लोग 10 वर्षों से इस्राईल के कड़े परिवेष्टन की मार झेल रहे हैं। MM