जर्मनी और तुर्की के ख़राब होते संबंध
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जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने तुर्क मूल के दो जर्मन नागरिकों की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तुर्की को धमकी दी है कि वह अंकारा के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रही हैं।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Sep ०२, २०१७ १३:१६ Asia/Kolkata

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने तुर्क मूल के दो जर्मन नागरिकों की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तुर्की को धमकी दी है कि वह अंकारा के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रही हैं।

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने  नूरम्बर्ग शहर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बर्लिन ने इससे पहले अंकारा के साथ अपने संबंधों में सुधार किया था। उनका कहना कि हमें पूरी शक्ति के साथ इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करनी है। तुर्की की हालिया स्थिति और तुर्की में दो जर्मन नागरिकों की गिरफ़्तारी के कारण हम अंकारा के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

पिछले महीने विभिन्न क्षेत्रों में जर्मनी और तुर्की के संबंधों में बहुत अधिक तनाव देखा गया। जुलाई वर्ष 2016 के विफल सैन्य विद्रोह के बाद तुर्क सरकार ने विरोधियों के ख़िलाफ़ व्यापक हमले आरंभ किए जिसके कारण तुर्की और जर्मनी के संबंध ख़राब हो गये। तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने विफल सैन्य विद्रोह का आरोप फ़त्हुल्लाह गूलन आंदोलन पर लगा दिया।

इस विफल सैन्य विद्रोह के बाद तुर्क सरकार ने हर विभाग से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को गिरफ़्तार किया और उन्हें जेल में डाल दिया। अंकारा सरकार ने न्यायपालिका, सैन्य विभाग, सुरक्षा और शिक्षा विभाग से दसियों हज़ार की संख्या में कर्मियों को उनकी नौकरियों से निकाल दिया।  जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया उनमें 12 जर्मन नागरिक भी थे, इन लोगों पर विद्रोहियों का साथ देने का आरोप लगा था।

गिरफ़्तार चार जर्मन नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता है और इनमें से दो को 31 अगस्त गुरुवार को अंतालिया के हवाई अड्डे से गिरफ़्तार किया गया। इन गिरफ़्तारियों पर जर्मनी की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इससे पहले भी जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने अर्दोग़ान की कड़े शब्दों में निंदा की थी।

बहरहाल तुर्की और जर्मनी के संबंध बहुत अधिक ख़राब हो गये हैं। पिछले कुछ महीनों से तुर्की और जर्मनी की सरकारें एक दूसरे पर भीषण आरोप लगाती रही हैं और अब आरोप ने धमकी का रूप धारण कर लिया है जबकि दोनों पक्षों को पता है कि राजनैतिक, आर्थिक और सुरक्षा के क्षेत्र में उन्हें एक दूसरे की बहुत अधिक आवश्यकता है। (AK)