ग़ज़्ज़ा निवासी उम्मीद खो चुके हैंः रेड क्राॅस
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्राॅस सोसाइटी के प्रमुख ने सचेत किया है कि ग़ज़्ज़ा के निवासी क्षेत्र की त्रासदीपूर्ण मानवीय स्थिति के दृष्टि अपनी उम्मीद खो चुके हैं।
पार्स टूडे की रिपोर्ट के अनुसार पीटर माउरेर ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट, ग़ज़्ज़ा और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की समाप्ति पर कहा कि गज़्ज़ा में ज़िंदगी के हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं।
रेड क्राॅस के प्रमुख ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि ग़ज़्ज़ा की जनता को दिन में केवल तीन से चार घंटे की बिजली मिलती है, कहा कि बिजली की कटौती ने ग़ज़्ज़ा में चिकित्सा, स्वास्थ्य और पानी की सप्लाई की सेवा पर विध्वंसक प्रभाव डाला है।
ग़ज़्ज़ा में बिजली संकट पिछले वर्ष अप्रैल में उस समय आरंभ हुआ था जब ईंधन की कमी और इस्राईल द्वारा बिजली की कटौती की वजह से बिजली घर ने काम करना बंद कर दिया था। बिजली की कटौती के कारण बीस लाख से अधिक ग़ज़्ज़ावासियों की ज़िंदगी संकट का सामना कर रही है।
मध्यपूर्व में संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवताप्रेमी सहायता के समन्वय कार्यालय ने हाल ही में ग़ज़्ज़ा पट्टी में बिजली की कटौती की ओर से सचेत करते हुए इस संकट के त्रासदीपूर्ण परिणाम को रोकने के लिए विश्व समुदाय से सहायता की मांग की थी।
ग़ज़्ज़ा पट्टी में बिजली की कटौती का संकट एेसी स्थिति में आरंभ हुआ है कि ज़ायोनी शासन ने पिछले दस वर्ष से इस क्षेत्र का परिवेष्टन कर रखा है और क्षेत्र में आवश्यकता की कोई भी चीज़ जाने नहीं देता। (AK)