बहरैन, मुहर्रम निकट, जूलूसों पर पाबंदी जारी, हाई अलर्ट
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बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने मुहर्रम के अवसर पर देश में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ११, २०१७ १६:३५ Asia/Kolkata
  • बहरैन, मुहर्रम निकट, जूलूसों पर पाबंदी जारी, हाई अलर्ट

बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने मुहर्रम के अवसर पर देश में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन के जानकार सूत्रों ने बताया है कि बहरैन की सुरक्षा संस्थाओं ने देश के धर्मगुरुओं, वक्ताओं और धार्मिक कार्यकर्ताओं को तलब करके कहा है कि जैसा मनामा प्रशासन चाहता है उसी प्रकार मजलिसे और शोक सभाएं आयोजित हों।

प्रशासन ने धमकी दी है कि यदि मुहर्रम की शोक सभाएं आयोजित करने में इस निर्देश की अनुदेखी की गयी और इसका पालन न किया गया तो विरोध करने वालों को जेल में डाल दिया जाएगा और कड़ी से कड़ी सज़ाएं दी जाएंगी।

बहरैन के गृहमंत्रालय ने भी बहरैन विशेषकर सितरा क्षेत्र के शिया मुसलमानों की मस्जिदों और इमाम बारगाहों के अधिकारियों से कहा है कि वह मुहर्रम की मजलिसे और शोक सभाएं इमामबाड़े के भीतर ही आयोजित करें।

बहरैन के इमाम बारगाहों के अधिकारियों ने भी कहा है कि यदि सुरक्षा बलों ने अज़ादारों और शोक सभाओं में उपस्थिति लोगों पर हमला किया तो उसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहे। बहरैनी जनता का कहना है कि वह मुहर्रम की मजलिसों के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करेंगे।

ज्ञात रहे कि बहरैनी शासन के विरुद्ध जनता की क्रांति 14 फ़रवरी 2011 से जारी है। जनता देश में भेदभाव की समाप्ति और लोकतंत्र की स्थापना की मांग कर रही है। बहरैनी शासन ने खुले में मजलिसों और शोक सभाओं तथा जूलूसों पर प्रतिबंध लगा रखा है। (AK)